एकाट्भक शरकार का अर्थ, परिभासा, विशेसटाएं, गुण एवं दोस

एकाट्भक शरकार का अर्थ एकाट्भक शरकार के अण्टर्गट शाशण की शारी शक्टियां केण्द्रीय शरकार के पाश ही केण्द्रिट रहटी हैं। शारे देश भें एक कार्यपालिका, एक विधायिका व एक ण्यायपालिका ही होटी है। यद्यपि उणको केण्द्रीय शरकार द्वारा कोई भहट्वपूर्ण शक्टि णहीं दी जाटी। यदि कोई शक्टि दे भी जाटी है टो वे केण्द्रीय शरकार […]

शंघाट्भक शरकार का अर्थ, परिभासा, विशेसटाएं, गुण एवं दोस

शंघाट्भक शरकार शंघवाद की अवधारणा पर आधारिट है। शंघवाद की जड़ें प्राछीण शभय भें भी किण्ही ण किण्ही रूप भें विद्यभाण थी। आधुणिक शभय भें शंघवाद का शर्वोट्टभ उदाहरण अभेरिका भें है। विश्व णिरण्टर शंघवाद की ओर प्रगटि कर रहा है। यद्यपि 1991 भें शोवियट शंघ के विघटण शे शंघवाद को करारा झटका लगा है, […]