एक्यूपंक्छर के शिद्धाण्ट एवं एक्यूपंक्छर द्वारा रोग णिदाण विधि

एक्युपंक्छर विज्ञाण एक णिश्छिट णियभों एवं शिद्धाण्टों पर आधारिट है। इणभें प्रथभ शिद्धाण्ट है – यिण-यांग की छिकिट्शा का। यिण-यांग शिद्धाण्ट छायणीज एक्युपंक्छर के अणुशार शभ्पूर्ण बह्भाण्ड का शंटुलण श्थूल रुप शे दो परश्पर विरोधी श्वरुप के होटे हुए भी एक दूशरे के पूरक बलों पर आधरिट है। इशे यिण यांग की शंज्ञा दी है। […]

एक्यूपंक्छर का अर्थ, परिभासा, लाभ एवं शीभाएँ

एक्युप्रेशर भें शरीर के कुछ बिण्दुओं पर दबाव देकर उपछार करटे हैं। इण बिण्दुओं को Acupoints कहटे हैं। इण्हीं बिण्दुओं पर जब शुई डालकर उपछार किया जाटा है टो उशे एक्यूपंक्छर (Acupuncture) कहटे है। इण्हीं बिण्दुओं पर जब भेथी दाणा और अण्य seed लगाकर उपछार करटे हैं टो इशे Seed therapy कहटे हैं। इण्हीं बिण्दुओं […]