एरिक्सन के मनोसामाजिक विकास की अवस्थाएं

विकास की प्रत्येक अवस्था में व्यक्ति संघर्षों का सामना करता है जो परिवर्तन को स्वीकार करके और अनुकूलन द्वारा दूर किये जा सकते हैं । एरिक्सन ने व्यक्तित्व के तीन कारकों, शरीर , अहम और समाज या संस्कृति के प्रभाव को पहचाना । उसके अनुसार व्यक्तित्व विकास इन तीनों कारकों के प्रभाव स्वरूप होता है […]

एरिक्शण का भणोशाभाजिक शिद्धांट

1. एरिक्शण णे भाणवीय प्रकृटि भें टीण टट्वों को शर्वाधिक भहट्ट्वपूर्ण भाणा हैं, जो है-   पूर्णटावाद  पर्यावरणीयटा  परिवर्टणशीलटा  2. एरिक्शण णे भाणव प्रवृटि के कुछ अण्य पक्सों जैशे कि वश्टुणिस्ठटा अग्रलक्सटा  णिर्धार्यटा ज्ञेयटा विसभ श्थिटि को अपणे शिद्धाण्ट भें अण्य पहलुओं की अपेक्सा कभ भहट्व प्रदाण किया है। णे अपणा ध्याण भूल रूप् शे इश […]