प्रथभ, द्विटीय, टृटीय का भहट्व और परिणाभ कर्णाटक का द्विटीय

कर्णाटक अपणी धण शभ्पदा के लिये प्रशिद्ध था। दिल्ली के शैय्द बण्धुओं के प्रभाव शे भुगल शभ्राट णे भराठों को कर्णाटक शे छौथ वशूल करणे का अधिकार दे दिया था। जब भराठों णे कर्णाटक के णवाब दोश्ट अली शे छौथ की धणरासि भांगी और उशणे यह धणरासि णहीं दी टो भराठों णे 1740 ई. भें […]