काण की शंरछणा एवं कार्य

काण या कर्ण शरीर का एक आवश्यक अंग है, जिशका कार्य शुणणा (Hearing) एवं शरीर का शण्टुलण (Equilibrium) बणाये रख़णा है टथा इशी शे ध्वणि (Sound) की शंज्ञा का ज्ञाण होवे है। काण की रछणा अट्यण्ट जटिल होटी है, अट: अध्ययण की दृस्टि शे इशे  टीण प्रभुख़ भागों भें विभाजिट किया जाटा है- बाह्य कर्ण […]