Category Archives: कार्ल मार्क्स

मार्क्सवाद के सिद्धांत

मार्क्सवाद को सर्वप्रथम वैज्ञानिक आधार प्रदान करने का श्रेय कार्लमार्क्स व उसके सहयोगी एंजिल्स को जाता है। फ्रांसीसी विचारकों सेण्ट साईमन तथा चाल्र्स फोरियर ने जिस समाजवाद का प्रतिपादन किया था, वह काल्पनिक था। मार्क्स ने अपनी पुस्तकों ‘Das Capital’ तथा ‘Comunist Manifesto’ के वैज्ञानिक समाजवाद का प्रतिपादन किया। वेपर ने कहा है कि ‘‘पूर्ववर्ती… Read More »

मार्क्सवाद का अर्थ, विशेषताएं, सिद्धांत, पक्ष या विपक्ष में तर्क

मार्क्सवादी विचारधारा के जन्मदाता कार्ल मार्क्स 1818-1883. तथा फ्रेडरिक एन्जिल्स 1820-1895 . है। इन दोनों विचारको ने इतिहास समाजशास्त्र विज्ञान अर्थशास्त्र व राजनीति विज्ञान की समस्याओ पर संयुक्त रूप से विचार करके जिस निश्चित विचारधारा को विश्व के सम्मुख रखा उसे मार्क्सवाद का नाम दिया गया। मार्क्सवाद का अर्थ  मार्क्सवाद क्रांतिकारी समाजवाद का ही एक रूप है।… Read More »

कार्ल मार्क्स का जीवन परिचय एवं रचनाएं

कार्ल मार्क्स का जन्म 8 मई, 1818 को जर्मनी के एक छोटे से नगर ट्रीवीज में हुआ। कार्ल मार्क्स का प्रारम्भिक पालन-पोषण यहूदी संस्कारों के तहत हुआ। उसके पिता हरशेल मार्क्स एक वकील थे और उसकी मां हैनरीटा प्रेसबर्ग एक घरेलू कामकाजी महिला थी। 1824 में मार्क्स परिवार ने यहूदी धर्म के स्थान पर ईसाई धर्म… Read More »

ऐतिहासिक भौतिकवाद का अर्थ, परिभाषा एवं मूल मान्यतायें

मार्क्स के ऐतिहासिक भौतिकवाद के सम्बन्ध में एंगेल्स ने लिखा है कि मार्क्स पहले ऐसे विचारक थे जिन्होंने ऐतिहासिक भौतिकवाद की अवधारणा को समाजविज्ञानों में रखा। ऐतिहासिक भौतिक के अतिरिक्त मार्क्स का दूसरा बड़ा योगदान अतिरिक्त मूल्य का है। मार्क्स ने अपने ऐतिहासिक भौतिकवाद के सिद्धान्त को दार्शनिक विवेचना के आधार पर निरूपित किया है।… Read More »

कार्ल मार्क्स के सिद्धांत

मार्क्सवाद प्रकृति तथा समाज के विकास के आम नियमों, समाजवादी क्रांति की विजय, समाजवाद तथा कम्यूनिज्म के निर्माण के रास्तों से सम्बंधित वैज्ञानिक विचारों की एक सुसंबद्ध प्रणाली है। कार्ल मार्क्स के सभी विचार आपस में एक दूसरे से अविभाज्य रूप से जुड़े है। कार्ल मार्क्स के विचारधारा के चार आधार स्तम्भ है। द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद (Dialectical Materialism)… Read More »