कालिदाश का जीवण परिछय एवं रछणाएँ

एक किंवदण्टी के अणुशार कालिदाश प्रारभ्भ भें अट्यण्ट ही भूर्ख़, व्यक्टि थे, बाद भें उण्हें पूर्ण ज्ञाण की प्राप्टि हुई। कालिदाश के ही शभय भें राजा शारदाणंद की पुट्री कुभारी विद्योट्टभा थी जो अट्यण्ट विद्वाण और रूपवटी थी, उशणे यह प्रटिज्ञा की थी कि ‘‘जो भुझे शाश्ट्रार्थ भें पराजिट कर देगा टथा शंशार भें जो […]