Category Archives: कृषि अर्थशास्त्र

कृषि अर्थशास्त्र किसे कहते हैं?

कृषि अर्थशास्त्र में कृषि तथा किसानों से सम्बन्धित आर्थिक समस्याओं का अध्ययन किया जाता है। अनेक विद्वानों ने कृषि अर्थशास्त्र की परिभाषा अपने-अपने ढंग से दी है इनमें से प्रमुख परिभाषाएँ है। प्रो. ग्रें के अनुसार ‘‘कृषि अर्थशास्त्र वह विज्ञान है जिसमें सामान्य अर्थशास्त्र के सिद्धान्तों एवं विधियों को कृषि ब्यवसाय की विशिष्ट परिस्थितियों में… Read More »

भूमि सुधार क्या है?

भूमि सुधार एक विस्तृत धारणा है जिसमें सामाजिक न्याय की दृष्टि से जोतों के स्वामित्व का पुनर्वितरण तथा भूमि के इष्टतम प्रयोग की दृष्टि से खेती किए जाने वाले जोतों का पुनगर्ठन सम्मिलित है। नोबल पुरस्कार प्राप्त महान अर्थशास्त्री प्रो0 गुन्नार मिर्डल के अनुसार-’’भूमि सुधार व्यक्ति और भूमि के सम्बन्धों में नियोजन तथा संस्थागत पुनर्गठन… Read More »

हरित क्रांति के लाभ एवं समस्या

हरित क्रांति, हरित एवं क्रांति शब्द के मिलने से बना है। क्रांति से तात्पर्य किन्ही घटना में तेजी से परिवर्तन होने तथा उन परिवर्तनों का प्रभाव आने वाले लम्बे समय तक रहने से है। हरित शब्द कृषि फसलों का सूचक है। अत: हरित क्रांति से तात्पर्य कृषि उत्पादन में अल्पकाल में विशेष गति से वृद्धि… Read More »

कृषि यंत्रीकरण क्या है?

साधारण अर्थों में कृषि के मशीनीकरण या यंत्रीकरण का अर्थ कृषि की परम्परागत तकनीकों के स्थान पर यन्त्रों एवं कृषि उपकरणों का प्रयोग है। कृषि यन्त्र व उपकरणों से अर्थ उन यंत्रों से है जो कृषि में काम आते हैं। कृषि के यंत्रीकरण (मशीनीकरण) से अर्थ भूमि पर जहॉ भी सम्भव हो सके यान्त्रिक शक्ति… Read More »

जैविक खेती के सिद्धांत, आवश्यकता, समस्यायें/बाधायें

कृषि में बायोतकनीकी व जैविक खेती का प्रयोग एक क्रान्तिकारी कदम है। भारत के मध्य प्रदेश में सर्वप्रथम 2001-02 में जैविक खेती का आन्दोलन चलाकर प्रत्येक जिले के प्रत्येक विकास खण्ड के एक गॉव में जैविक खेती (Organic Farming) की शुरुआत की गई। इसी आधार पर उस गॉव का नाम ‘‘जैविक गॉव (Organic Village) रखा… Read More »

कृषि का महत्व एवं उपयोगिता

भारत में कृषि, यहाँ की अर्थव्यवस्था व मानव-विकास तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप एवं उत्थान की आधारशिला बनी हुयी है। देश की लगभग 64 प्रतिशत जनसंख्या कृषि कार्यों में संलग्न है तथा देश के 6.38 लाख से भी अधिक गांवों में निवास करने वाली 75 प्रतिशत जनसंख्या प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका कृषि से… Read More »