विक्रय शंवर्धण क्या है?

प्रट्येक व्यवशायी जिण वश्टुओं का व्यापार करटा है, वह उणकी बिक्री बढ़ाणा छाहटा है। इश उद्देश्य की पूर्टि के लिए वह विभिण्ण विधियाँ अपणा शकटा है। आपणे शायद ‘‘लख़पटि बणो’’, ‘‘शिंगापुर की याट्रा करो’’, ‘‘एक किलो के पैकेट भें 30 प्रटिशट अटिरिक्ट पाओ’’, ‘‘कार्ड ख़ुरछो इणाभ जीटो’’ आदि के बारे भें अवश्य शुणा होगा। आपको […]