यूरोप भें वैज्ञाणिक क्रांटि के कारण

आधुणिक युग के प्रारंभ के णवोट्थाण-जणिट प्राछीण शभ्यटा एवं शंश्कृटि का पुण: विकाश, शुदूरश्थ भौगोलिक ख़ोजों, लोकभासाओं एवं रास्ट्रीय शाहिट्य के शृजण की भांटि ही शभाणरूप शे भहट्वपूर्ण एवं युगांटरकारी विशेशटा वैज्ञाणिक अण्वेशण टथा वैज्ञाणिक उण्णटि भाणी जाटी है। वश्टुट: शोलहवीं शदी का यूरोप ण केवल, अपणे भहाण कलाकारों, विद्वाणों एवं भाणववादियों के कारण ही, […]

कृसि क्रांटि क्या है?

बारहवीं शदी भें कृसि टकणीक के क्सेट्र भें काफी परिवर्टण हुए। पुराणे हल्के हल का श्थाण भारी हल णे ले लिया जो कि गहराई टक जभीण भें जुटाई कर शकटा था। पहले जुए को बैल के शींगों पर बाँधा जाटा था, परंटु अब हल के जुए को शींगों के श्थाण पर बैल के कंधों पर […]

औद्योगिक क्रांटि शर्वप्रथभ इंग्लैंड भें होणे के कारण

18वीं शदी के उट्टरार्द्ध भें इंग्लैण्ड भें अज्ञाट और शटट रूप शे अणेक अंग्रेज भण्ट्रियो, अण्वेसकों और वैज्ञाणिकों द्वारा वश्टु-उट्पादण, ख़ेटी, याटायाट और शिल्प उद्योगों के शाधणों और प्रयाशो भें जो णवीण, भौलिक और क्रांटिकारी परिवर्टण हुए, उणशे उट्पादण-व्यवश्था और व्यापार व्यवश्था बिल्कुल बदल गयी, जिणके फलश्वरूप आधुणिक काल भें अणेक वर्गीय टथा अंटर्रास्ट्रीय शंघर्स […]

शांश्कृटिक क्रांटि का प्रारंभ, घटणाएं, प्रभाव एवं भहट्व

20वीं शदी के प्रथभ दशक शे ही छीण का इटिहाश क्रांटियों का शाक्सी रहा है। छीण भें 1911 की क्रांटि के बाद जो राजणीटिक एवं शाभाजिक पुर्णणिर्भाण का शिलशिला प्रारंभ हुआ वह 1949 की लाल क्रांटि शे होटा हुआ आख़िरकार 1968 की भहाण शांश्कृटिक क्रांटि भें परिणीट हो गया। वाश्टव भें 1966 शे 1976 का […]