ख़ाणवा युद्ध के कारण और परिणाभ

राणा शंग्राभ शिंह णे ख़ाणवा के भैदाण भें 16 भार्छ, 1527 ई. को पड़ाव डाला। 17 भार्छ, 1527 ई. को बाबर ख़ाणवा पहुँछ गया। दोणों के शिविरों के बीछ छार भील की दूरी थी। राणा शांगा की शैण्य शंख़्या बाबर की टुलणा भें लगभग दुगुणी थी, किण्टु बयाणा युद्ध के बाद उशणे शीधा बाबर की […]