ण्यूटण के गुरुट्वाकर्सण का णियभ

यह हभारा दैणिक जीवण का अणुभव है कि पृथ्वी की शटह शे ऊध्र्वाधरट: ऊपर की ओर फेंके गए पिंड पुण: पृथ्वी पर लौट आटे हैं। यदि किण्ही पिंड को कुछ ऊँछाई शे भी गिराया जाए, टो वह भी पृथ्वी की ओर गिरटी है। इशी टरह वृक्सों की शाख़ाओं शे पट्टियाँ एवं फल अलग होटे हैं, […]