Category Archives: गृह विज्ञान

गृह विज्ञान का अर्थ, परिभाषा एवं महत्व

गृह विज्ञान का अर्थ गृह विज्ञान शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है गृह और विज्ञान। गृह से तात्पर्य वह स्थान जहाँ परिवार रहता है और विज्ञान से तात्पर्य उस ज्ञान से है जो वास्तविक सिद्धान्तों व नियमों पर आधारित है। दोनों शब्दों को मिलाकर इस प्रकार परिभाषित कर सकते है। ‘‘गृह विज्ञान का अर्थ… Read More »

भोज्य ग्राहिता क्या है?

‘‘किसी भी भोज्य पदार्थ को बिना चखे उसके रंग, रूप, बनावट, सुगंध के द्वारा ही उसके स्वाद को निर्धारित कर लेते है तथा उसे ग्रहण करने की स्वीकृति प्रदान कर देते है। यही गुण भोज्य ग्राहिता कहलाता है।’’ किसी व्यक्ति द्वारा भोज्य पदार्थो का ग्रहण करना या स्वीकारना निम्न बातों पर निर्भर करता है। खाद्य… Read More »

भोज्य विषाक्तता क्या है?

सामान्य तौर पर भोजन करने के पश्चात व्यक्ति अच्छा अनुभव करता है। उसे संतुष्टि प्राप्त होती है। किन्तु कभी-कभी कई कारणों से भोजन प्रदूषित हो जाता है। जिससे उसे ग्रहण करने के पश्चात व्यक्ति अस्वस्थ महसूस करता है भोजन का दूषित होना ही भोज्य विषाक्तता का कारण बनता है। ‘‘व्यक्ति द्वारा भोजन ग्रहण करने के… Read More »

वर्ज्य पदार्थ क्या है?

हमारे समाज में कुछ ऐसे पदार्थो का प्रचलन है। जो कि व्यक्ति के स्वस्थ के लिए अत्यधिक हानिकारक होते है। इन्हें वर्ज्य पदार्थ या निषिद्ध भोज्य पदार्थ कहते है। जैसे-मदिरा, धूम्रपान, तम्बाकू, अफीम, चरस आदि। मदिरा ये गेहूँ, जौ, चावल, अंगूर आदि के सड़ने के उपरान्त बनायी जाती है। इसमें हानीकारक पदार्थ एल्कोहल पाया जाता… Read More »

भोज्य पदार्थों में मिलावट के कारण, प्रभाव, मिलावट से बचने के उपाय

मिलावट एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा भोज्य पदार्थों की प्रकृति गुणवत्ता तथा पौष्टिकता में बदलाव आ पाता है। यह मिलावट उपज फसल काटने के समय संग्रहित करते समय, परिवाहन और वितरण करते समय किसी भी समय हो सकती है। ‘खाद्य पदार्थ में कोई मिलता जुलता पदार्थ मिलाने अथवा उसमें से कोई तत्व निकालने या… Read More »

वस्त्र परिसज्जा क्या है?

परिसज्जा द्वारा किसी वस्त्र को अधिक चमकीला मजबूत तथा धोने पर न सिकुड़ने वाला बनाया जा सकता है क्योंकि वस्त्र जब करघे पर मशीनों पर बुन कर आता है तो वह खुरदुरा, गंदा तथा दाग धब्बे वाला होता है उसका परिष्करण आवश्यक होता है तभी वह उपयोग के लायक होता है अत: कहा जा सकता… Read More »