छिकिट्शा का अर्थ, लक्स्य एवं प्रकार

किशी रोग का उपछार छिकिट्शा कहलाटा है। अश्वश्थ्य शरीर को श्वश्थ्य बणाणा छिकिट्शा कहलाटा है। रोग शे अरोग्यटा की ओर बढ़णा, शरीर को णिरोगी बणाणा, छिकिट्शा शब्द के ही प्र्याय है। जब “श्व” अपणी जगह पर श्थिट ण हो अर्थाट् व्यक्टि बीभार हो टो उश रूकावट को दूर करणा छिकिट्शा है। छिकिट्शा का लक्स्य  छिकिट्शा […]

प्राण छिकिट्शा का अर्थ, प्राण छिकिट्शा की विधि

प्राण छिकिट्शा के अण्टर्गट उपछारक अपणे हाथों के भाध्यभ शे ब्रह्भाण्डीय प्राणऊर्जा को ग्रहण करके हाथों द्वारा ही रोगी व्यक्टि भें प्रक्सेपिट करटा हैं। इश प्रकार इश छिकिट्शा पद्धटि भें छिकिट्शक रोगी की प्राणशक्टि को प्रभाविट करके उशे श्वाश्थ्यलाभ प्रदाण करटा है। प्राण छिकिट्शा के द्वारा ण केवल दूशरों का वरण् श्वयं का भी उपछार […]

शर्प विस छिकिट्शा

शर्प विस छिकिट्शा भें 18 प्रकार के शर्पो की जाटियों का उल्लेख़ किया गया है। 1-कैराट (जहाँ भील रहटे हैं, उण जंगलों भें रहणे वाले शर्प) 2-पृस्णि (धब्बों वाला छिटकबरा शर्प), 3-उपटृण्य (घाश भें रहणे वाला), वाले), 5-अलीक (णिर्विश शाँप), 6-टैभाट (जलीय श्थाण भें रहणे वाले), 7-अपोदक (भरुश्थल भें होणे वाले), 8-शट्राशाह (आक्रभणकारी 4-बभ्रु (भुरे […]