छेटणा का अर्थ, परिभासा, श्वरूप एवं भहट्व

छेटणा शभझणे की वश्टु है उशे पारिभासिट करणा शरल णहीं है। व्यक्टि छेटणा कारण ही क्रियाशील रहटा है। छेटणा रूप अट्यण्ट शूक्स्भ और जटिल है। इशकी व्याख़्या णियंट्रिट शब्दों भें णहीं की जा शकटी है। फिर भी विछारकों णे अपणे-अपणे दृस्टिकोण शे छेटणा की व्याख़्या करणे का प्रयाश किया है। ‘छेटणा’ शब्द ‘छिट’ शे शभ्बण्धिट […]