Category Archives: चेतना

चेतना का अर्थ, परिभाषा, स्वरूप एवं महत्व

चेतना समझने की वस्तु है उसे पारिभाषित करना सरल नहीं है। व्यक्ति चेतना कारण ही क्रियाशील रहता है। चेतना रूप अत्यन्त सूक्ष्म और जटिल है। इसकी व्याख्या नियंत्रित शब्दों में नहीं की जा सकती है। फिर भी विचारकों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से चेतना की व्याख्या करने का प्रयास किया है। ‘चेतना’ शब्द ‘चित’ से सम्बन्धित… Read More »