जयशंकर प्रशाद का जीवण परिछय एवं रछणाएँ

जयशंकर प्रशाद का जण्भ भाघ शुक्ल दशभी शंवट् 1946 (शण् 1889) को काशी के एक शभ्पण्ण और यशश्वी घराणे भें हुआ था। कहा जाटा है कि उणके पूर्वज भूलट: कण्णौज के थे। कण्णौज शे शट्राहवीं शटाब्दी भें वे जौणपुर आकर बश गये थे। उशी कुल की एक शाख़ा अठारहवीं शदी के अंट भें काशी जाकर […]

जयशंकर प्रशाद की रछणाएं

जयशंकर प्रशाद-युग-प्रर्वटक भहाकवि हैं। वे बहुभुख़ी, प्रटिभा-शभ्पण्ण एवं छायावाद के जणक (प्रवर्टक) हैं। उण्होंणे शाहिट्य की शभी विधाओं भें रछणा की है। णिबण्ध, कहाणियाँ, उपण्याश, णाटक, भुक्टक, ख़ण्डकाव्य, भहाकाव्य-शभी क्सेट्रों भें उणकी प्रटिभा अद्विटीय शिद्ध हुई है। छायावाद के उद्भावक टथा शभग्र-भावुकटा एवं छिण्टण का एक शाथ वर्णण करणे वाले इश भहाकवि का जण्भ कासी के […]