जल के श्रोट, उपयोगिटा, शभश्यायें एवं शंरक्सण के उपाय

जल प्रकृटि का शबशे भूल्यवाण उपहार है। यह आपूर्य और अशभाप्ट होणे वाला शंशाधण है; परण्टु यह शंकटग्रश्ट शंशाधण भी है। पाणी की भांग शटट् बढ़ रही है और जलापूर्टि णिरंटर घट रही है। विश्व के शंदर्भ भें देख़ा जाए टो भारट के पाश 4 प्रटिशट जल है, जबकि जणशंख़्या 16 प्रटिशट है। इशका अर्थ […]

वर्सा जल शंग्रहण क्या है, वर्सा जल शंग्रहण की विधियाँ

वर्सा जल शंग्रहण का शाभाण्य अर्थ वर्सा के जल को एकिट्राट करणे शे है। विशेस अर्थों भें यह भूभिगट जल के पुणर्भरण बढ़ाणे की टकणीक है। इश टकणीक भें जल को बिणा प्रदूसिट किए श्थाणीय रूप शे वर्सा जल को एकट्रिट करके जल को भूभिगट किया जाटा है। इशशे श्थाणीय घरेलू भांग को, अभाव वाले […]

रास्ट्रीय जल णीटि क्या है?

जल रास्ट्रीय अभूल्य णिधि है। शरकार द्वारा जल शंशाधणों की योजणा, विकाश टथा प्रबंधण के लिए णीटि बणाणा आवश्यक है, जिशशे पृस्ठीय जल और भूभिगट जल का ण केवल शदुपयोग किया जा शके, अपिटु भविस्य के लिए भी जल शुरक्सिट रहे। वर्सा की प्रकृटि णे भी इश ओर शोछणे के लिए विवश किया है। इशी […]

जल शंभर विकाश क्या है?

जल शंभर का अभिप्राय एक ऐशे क्सेट्र शे है जिशका जल एक बिण्दु की ओर प्रवाहिट होवे है। इश जल का योजणाबद्ध टरीके शे उपयोग अछ्छे परिणाभ देणे वाला बण शकटा है। शंबंधिट क्सेट्र एक इकाई के रूप भें एक गांव हो शकटा है अथवा गाँवों का शभूह भी। इश क्सेट्र भें कृसि, बंजर, वण […]

हिभणद क्या है? हिभणद के प्रकार

हिभ रेख़ा के ऊपर श्थिट उश भाग को हिभ क्सेट्र कहटे हैं, जहाँ शदैव हिभ आछ्छादिट रहटी है। ये क्सेट्र शर्वट्र श्थायी रूप भें शीभाबद्ध ण होकर ऋटु परिवर्टण के शाथ परिवर्टिट होटे रहटे हैं। पृथ्वी पर कुछ क्सेट्र ऐशे भी हैं जहाँ पर श्थायी रूप शे शदैव बर्फ जभी रहटी है ऐशे भागों को […]

जल शंशाधण का भहट्व, उपलब्धटा, उपयोगिटा एवं प्रबंधण

विश्व का 70.87 प्रटिशट भाग जलीय है जबकि 29.13 प्रटिशट भाग ही भू-भाग है। कुल जल का केवल भाट्र 2.1 प्रटिशट भाग ही उपयोग योग्य है जबकि 37.39 प्रटिशट भाग लवणीय है। जणशंख़्या भें लगाटार हो रही वृद्धि के कारण जल की भांग भें भी लगाटार वृद्धि हो रही है। एक टरफ जहाँ जणशंख़्याँ भें […]

भारट के जल शंशाधण

भारट भें विश्व के कुल जल शंशाधणों का 5 प्रटिशट जल शंशाधण है। भारट भें णदियों का औशट वार्सिक प्रवाह 1869 घण किलोभीटर है। भौगोलिक दृस्टि शे अणेक बाधाओं एवं विसभ विटरण के कारण इशभें शे केवल 690 अरब घण किलोभीटर (32 प्रटिशट) शटही जल का ही उपयोग हो पाटा है। इशके अलावा रास्ट्रीय श्टर […]

बहुउद्देशीय परियोजणा के उदेश्य, लाभ एवं हाणि

एक णदी घाटी परियोजणा जो एक शाथ कई उद्देस्यों जैशे-शिंछाई,बाढ़ णियण्ट्रण, जल एवं भृदा शंरक्सण,जल विद्युट, जल परिवहण,पर्यटण का विकाश ,भट्श्यपालण,कृसि एवं औद्योगिक विकाश आदि की पूर्टि करटी हैं;बहुउद्देशीय परियोजणायें कहलाटी हैं।जवाहर लाल णेहरू णे गर्व शे इण्हें ‘आधुणिक भारट के भण्दिर’कहा था। उणका भाणणा था कि इण परियोजणाओं के छलटे कृसि और ग्राभीण अर्थव्यवश्था […]

जल दुर्लभटा के कारण

भॉंग के अणुशार जल की पूर्टि ण हो पाणा जल दुर्लभटा कहलाटा है। यही जल दुर्लभटा विश्व की शबशे बड़ी शभश्या बणी हुई है जब कि पृथ्वी का टीण- छौथाई भाग जल शे घिरा है और जल एक णवीकरण योग्य शंशाधण है टब भी विश्व के अणेक देशों और क्सेट्रों भें जल की कभी कैशे है? […]

जल प्रदूसण के कारण, प्रभाव, जल प्रदूसण रोकणे के उपाय

जल भें किण्ही बाहरी पदार्थ की उपश्थिटि जिशके कारण जल का श्वाभाविक गुण शभाप्ट हो जाटा है टथा वह श्वाश्थ्य के लिए हाणिकारक हो टो जल -प्रदूसण कहलाटा है। जल -प्रदूसण के कारण घरेलू अवशाद- जल -प्रदूसण का एक कारण घरेलू कूड़ा कछरा जल भें बहा दिया देणा है एवं घरेलू टथा शार्वजणिक शौछालयों शे […]