Category Archives: जीवन परिचय

जॉन डीवी का जीवन परिचय एवं शिक्षा दर्शन

जॉन डीवी का जन्म 1859 में संयुक्त राज्य अमेरिका में बर्लिंगटन (वर्मोन्ट) में हुआ था। विद्यालयी शिक्षा बर्लिंगटन के सरकारी विद्यालयों में हुआ। इसके उपरांत उन्होंने वर्मोन्ट विश्वविद्यालय में अध्ययन किया। जॉन हापकिन्स विश्वविद्यालय से उन्हें पी-एच0डी0 की उपाधि मिली। इसके उपरांत उन्होंने मिनीसोटा विश्वविद्यालय (1888-89), मिशीगन विश्वविद्यालय (1889-94), शिकागो विश्वविद्यालय (1894-1904) में दर्शनशास्त्र पढ़ाया।… Read More »

मन्नू भंडारी का जीवन परिचय

श्रीमती मन्नू भंडारी नए दौर के कहानीकारों में अग्रणी स्थान रखती है।  जन्म 3 अप्रैल 1931 . को मानपुरा राजस्थान में हुआ था। आपकी प्रारंभिक शिक्षा अजमेर में हुई। काशी हिन्दु विश्वविद्यालय से आपने हिन्दी में एम.ए. किया और कलकता में अध्यापन कार्य करने लगी। कुछ समय बाद आपकी नियुक्ति दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राध्यापिका के… Read More »

फ्रेडरिक फ्रोबेल का जीवन परिचय एवं शिक्षा दर्शन

फ्रेडरिक फ्रोबेल का जन्म 21, अप्रैल, 1782 को दक्षिणी जर्मनी के एक गाँव में हुआ था। जब वह नौ महीने का ही था उसकी माता का देहान्त हो गया। पिता से बालक फ्रोबेल को उपेक्षा मिली। विमाता उससे घृणा करती थी। इससे फ्रोबेल प्रारम्भ से ही नितान्त एकाकी हो गया। फ्रोबेल पर इस एकाकीपन का… Read More »

सर टी0 पी0 नन का जीवन परिचय एवं शिक्षा सिद्धान्त

प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री सर टी0 पी0 नन का जन्म 1870 में, इंग्लैंड में हुआ था। नन अध्यापकों के परिवार से जुड़े थे। उनके पिता और पितामह ने ब्रिस्टल नामक स्थान पर एक विद्यालय की स्थापना की थी। बाद में इसे वेस्टन-सुपर-मेयर नामक स्थान में स्थानान्तरित कर दिया गया। सोलह वर्ष की आयु से ही टी0 पी0… Read More »

आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जीवन परिचय एवं रचनाएँँ

आचार्य रामचंद्र शुक्ल आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जन्म सन् 1884 में उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के अगोना गाँव में हुआ था। बाल्यकाल से ही आपने संस्कृत का ज्ञान प्राप्त किया एवं इंटरमीडिएट तक शिक्षा प्राप्त की। तभी से आपकी साहित्यिक प्रवृत्तियाँ सजग रहीं। 26 वर्ष की उम्र में’ हिन्दी-शब्द-सागर’ के सहकारी संपादक हुए एवं… Read More »

स्वामी विवेकानंद का जीवन परिचय एवं शिक्षा दर्शन

12 जनवरी, 1863 को स्वामी विवेकानंद का जन्म कलकत्ता के एक प्रसिद्ध वकील विश्वनाथ दत्त के घर हुआ। माता प्रेम से उन्हें वीरेश्वर कहती थी पर नामकरण संस्कार के समय उनका नाम नरेन्द्रनाथ रखा गया। बचपन से ही नरेन्द्रनाथ में विलक्षण प्रतिभा के लक्षण दिखते थे। एक तरफ वे अत्यंत ही चंचल थे तो दूसरी… Read More »