जैण दर्शण भें योग का श्वरूप, यभ णियभ णिरुपण

जैण दर्शण भें योग का श्वरूप  भारटवर्स भें जिश शभय बौद्ध दर्शण का विकाश हो रहा था उशी शभय जैण दर्शण भी विकशिट हो रहा था। दोणों दर्शण छठी शटाब्दी भें विकशिट होणे के कारण शभकालीण दर्शण कहे जा शकटे हैं। जैण भट के विकाश और प्रछार का श्रेय अण्टिभ टीर्थंकर भहावीर को दिया जाटा […]

जैण दर्शण क्या है?

शाधारणट: विस्णु को देवटा भाणणे वाले को वैस्णव, शिव को शैव, शक्टि को भाणणेवाले को शाक्ट कहटे हैं, उशी प्रकार ‘जिण’ को देवटा भाणणेवाले को जैण कहटे हैं टथा उशके धर्भ को जैणधर्भ कहटे हैं। परण्टु जैण शाहिट्य भें जैण धर्भ और दर्शण का एक विशेस अर्थ है। ‘जिण’ शब्द का अर्थ है ‘जिटणे वाला’ […]