Category Archives: ज्ञानयोग

ज्ञानयोग क्या है?

विवेक का आशय है अच्छे-बुरे, सही-गलत, नित्य-अनित्य का यथार्थ बोध अर्थात ज्ञानयोग के अनुसार नित्य वस्तु को नित्य ओर अनित्य वस्तु को अनित्य मानना ही ‘‘नित्यानित्यवस्तु विवेक’’ है। इसके अनुसार एकमात्र ब्रह्मा ही सत्य एवं नित्य है तथा इसके अलावा अन्यन सभी वस्तुए मिथ्या एवं अनित्य है। जैसा कि कहा गया है- ‘‘नित्य्वस्वेंक ब्रह्मा तद्व्यनिरिक्तं… Read More »