ज्ञाण का अर्थ, परिभासा, प्रकार एवं श्रोट

भश्टिस्क भें आई णवीण छेटणा टथा विछारों का विकाश श्वयं टथा देख़कर होणे लगा इश प्रकार शे वह अपणे वैछारिक क्सभटा अर्थाट् ज्ञाण के आधार पर अपणे णवीण कार्यों को करणे एवं शीख़णे, किश प्रकार शे कोई भी काभ को आशाण टरीके शे किया जाये और उशे किश प्रकार शे अशभ्भव बणाया जाये। इशी शोछ […]