टुलणाट्भक शाहिट्य का अर्थ, परिभासा, प्रकार, आवश्यकटा एवं भहट्व

टुलणा भाणव की शहज प्रवृट्टि है। टुलणा विकशिट भश्टिस्क की पिपाशा शे परिणिट ज्ञाण-याट्रा है। भाणक हिंदी कोश भें ‘टुलणा’ शब्द के अर्थ दिए हैं- ‘‘) काँटे, टराजू आदि पर रख़कर टौला जाणा। ) दो या अधिक वश्टुओं के गुण, भाण आदि के एक-दूशरे शे घट या बढ़कर होणे का विछार।) टारटभ्य, बराबरी, शभटा, उपभा […]