Category Archives: तुलनात्मक साहित्य

तुलनात्मक साहित्य का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, आवश्यकता एवं महत्व

तुलना मानव की सहज प्रवृत्ति है। तुलना विकसित मस्तिष्क की पिपासा से परिनित ज्ञान-यात्रा है। मानक हिंदी कोश में ‘तुलना’ शब्द के अर्थ दिए हैं- ‘‘) काँटे, तराजू आदि पर रखकर तौला जाना। ) दो या अधिक वस्तुओं के गुण, मान आदि के एक-दूसरे से घट या बढ़कर होने का विचार।) तारतम्य, बराबरी, समता, उपमा… Read More »