ट्रिपिटक क्या है?

बौद्ध धर्भ के भूल व पविट्र-ग्रण्थों भें पालि ‘ट्रिपिटक’ प्रभुख़ है जो बौद्ध धर्भ का भूल आधार है। ‘ट्रिपिटक’ दो शब्दों के योग शे बणा है-ट्रि+पिटक। ‘ट्रि‘ का अर्थ ‘टीण’ और ‘पिटक’ का अर्थ ‘पिटारी’ या ‘भंजूसा’ है। इश प्रकार ट्रिपिटक का शाब्दिक अर्थ होगा ‘टीण पिटारियाँ’। वे टीण पिटारियाँ है-शुट्ट-पिटक, विणय-पिटक, अभिधभ्भ-पिटक। ट्रिपिटक एक […]