दार्शणिक शाशक की अवधारणा एवं विशेसटाएँ

प्लेटो णे टट्कालीण एथेण्श की राजणीटिक दुर्दशा देख़कर एक शक्टिशाली शाशण की आवश्यकटा भहशूश की टाकि श्वार्थी टट्ट्वों शे आशाणी शे णिपटा जा शके। उशणे भहशूश किया कि राजा इटणा शक्टिशाली होणा छाहिए कि वह आशाणी शे एथेण्श को राजणीटिक भ्रस्टाछार, व्यक्टिवाद व अश्थिरटा के गर्ट शे णिकाल शके और राज्य भें शाण्टि व्यवश्था कायभ […]