Category Archives: दार्शनिक

आदि शंकराचार्य का जीवन परिचय एवं रचनाऐं

शंकराचार्य का जन्म 788 ई0 में केरल प्रदेश के ‘कालदी’ नामक ग्राम में नम्बूद्री ब्राह्मण परिवार में हुआ था। कालदी ग्राम मालाबार में पेरियार नदी के किनारे वन क्षेत्र में स्थित है। कालदी में विद्याधिराज नामक एक प्रसिद्ध विद्वान थे। उनका पुत्र शिवगुरू था। यह परिवार परम्परागत रूप से शंकर का उपासक था। इन्हीं शिवगुरू… Read More »

श्री अरविन्द का जीवन-दर्शन एवं शिक्षा-दर्शन

श्री अरविन्द का जीवन-दर्शन  श्री अरविन्द ने योग दर्शन के महत्व को रेखांकित करते हुए आधुनिक परिवेश के अनुरूप उसकी पुनव्र्याख्या की। उनके दर्शन को अनुभवातीत सर्वांग योग दर्शन के नाम से जाना जाता है क्योंकि उन्होंने अपने विचार को योग की संकुचित व्याख्या तक सीमित रखने की जगह सत्य तक पहुँचने के लिए विभिन्न मार्गों… Read More »

जॉन डीवी का जीवन परिचय एवं शिक्षा दर्शन

जॉन डीवी का जन्म 1859 में संयुक्त राज्य अमेरिका में बर्लिंगटन (वर्मोन्ट) में हुआ था। विद्यालयी शिक्षा बर्लिंगटन के सरकारी विद्यालयों में हुआ। इसके उपरांत उन्होंने वर्मोन्ट विश्वविद्यालय में अध्ययन किया। जॉन हापकिन्स विश्वविद्यालय से उन्हें पी-एच0डी0 की उपाधि मिली। इसके उपरांत उन्होंने मिनीसोटा विश्वविद्यालय (1888-89), मिशीगन विश्वविद्यालय (1889-94), शिकागो विश्वविद्यालय (1894-1904) में दर्शनशास्त्र पढ़ाया।… Read More »

रूसो का सामाजिक समझौते का सिद्धांत एवं सामान्य इच्छा का सिद्धांत

रूसो का सामाजिक समझौते का सिद्धांत रूसो ने सामाजिक समझौता सिद्धांत का वर्णन अपनी पुस्तक ‘सोशल कांट्रेक्ट’ (सामाजिक समझौता) में किया है। इस रचना में रूसो ने आदर्श समाज की स्थापना की युक्ति सुझाई है, जिससे मानव जाति की मानव जाति को प्राकृतिक अवस्था के कष्टों से मुक्ति मिल सके। जिस प्रकार हॉब्स व लॉक… Read More »

पुरुषोत्तम दास टण्डन का जीवन परिचय एवं शैक्षिक विचार

राजर्षि पुरूषोत्तम दास टण्डन का जन्म इलाहाबाद में 1 अगस्त, 1882 को हुआ। उनके पूर्वज मूलत: पंजाब के निवासी थे। उनके पिता श्री शालिग्राम टंडन इलाहाबाद के एकाउण्टेण्ट जनरल आफिस में क्लर्क थे और राधास्वामी सम्प्रदाय के मतावलम्बी थे। पिता संत प्रकृति के थे अत: उनके व्यक्तित्व का प्रभाव बालक पुरूषोत्तम पर प्रारम्भ से ही… Read More »

स्वामी दयानंद सरस्वती का जीवन परिचय

स्वामी दयानन्द सरस्वती के बचपन का नाम मूलशंकर था। उनका जन्म सन् 1824 में गुजरात प्रांत के काठियावाड़ सम्भाग में मोरवी राज्य (अब जिला राजकोट) के एक छोटे-से गाँव टंकारा के एक समृद्ध सनातनी परिवार में हुआ था। पिता का नाम करसन लाल जी तिवारी था। वे शैवमत के कट्टर अनुयायी थे। बालक मूलशंकर कभी… Read More »

श्री अरविन्द का जीवन परिचय

श्री अरविन्द का जन्म 15 अगस्त, 1872 को कलकत्ता में हुआ था। वे तीन भाईयों में कनिष्ठ थे। उनके पिता कृष्णधन घोष एक प्रसिद्ध चिकित्सक थे। उन्होंने इंग्लैंड में चिकित्साशास्त्र का अध्ययन किया था। वे पाश्चात्य संस्कृति को श्रेष्ठ मानते थे और उसी रंग में रंगे हुए थे। उनकी माता श्रीमती स्र्वणलता देवी प्रसिद्ध राष्ट्रवादी… Read More »

रूसो का जीवन परिचय एवं शिक्षा दर्शन

रूसो के अनुसार शिक्षा में तीन महत्वपूर्ण पक्ष हैं- बच्चे की अन्तर्निहित शक्ति, सामाजिक वातावरण तथा भौतिक वातावरण। शिक्षा प्रकृति, मानव या वस्तुओं से ली जा सकती है। तीनों के मध्य सहयोग या समन्वय हो तो आदर्श शिक्षा हो सकती है। पर यह सहयोग सम्भव नहीं है क्योंकि प्रकृति एवं मानव संघर्षरत रहता है। रूसो… Read More »

हरबर्ट स्पेन्सर का जीवन परिचय, प्रमुख कार्य एवं सिद्धान्त

हरबर्ट स्पेन्सर का जन्म इंग्लैंड के डर्बी नामक स्थान में, 1820 ई0 में हुआ था। माता एवं पिता दोनों ही तरफ से वह विद्रोही एवं सुधारवादी धर्मावलम्बियों एवं प्रगतिशील राजनीतिक परिवारों से जुड़ा था। हरबर्ट स्पेन्सर के पिता, विलियम जार्ज स्पेन्सर में यह विरोध का भाव अधिक था। उन्हें दर्शन, साहित्य, विज्ञान आदि का ज्ञान… Read More »