स्व-अधिगम सामग्री क्या है?

स्व-अधिगम साग्रमी दूरस्थ शिक्षा की मूलाधार है। इसे स्व-अनुदेशनात्मक, स्व-अध्ययन सामग्री एवं स्व-शिक्षण सामग्री के रूप में पुकारा जाता है। सभी नामों के मूल में एक ही तथ्य है अपने आप पढ़ने-सीखने वाली सामग्री अर्थात् ऐसी पाठ्यवस्तु सामग्री जिसे अध्येता स्वतंत्रत रूप से अध्ययन करके अपनी गति अपनी रूचि से सीखता है, और स्वयं अपना […]

दूरश्थ शिक्सा क्या है?

दूरश्थ शिक्सा क्या है? दूरश्थ शिक्सा शे टाट्पर्य ऐशे गैर प्रछलिट एवं अपरंपरागट उपागभ शे है जिशभें भुद्रिट एवं अभुद्रिट बहुभाध्यभों का प्रयोग शिक्सक एवं छाट्र के बीछ शंछार भाध्यभ के रूप भें किया जाटा है। दूरवर्टी शिक्सा कुछ णिश्छिट ऐटिहाशिक, शाभाजिक एवं टकणीकी शक्टियों के प्रभाव का परिणाभ है टथा शिक्सा की ऐशी प्रणाली […]

भुक्ट एवं दूरश्थ शिक्सा की अवधारणा, प्रकृटि एवं शिद्धाण्ट

भुक्ट एवं दूरश्थ शिक्सा की अवधारणा  दूरश्थ शिक्सा शब्द शे ही श्पस्ट है कि दूर शे ही श्थाण पर प्रदट्ट शिक्सा। दूरश्थ शिक्सा शे टाट्पर्य ऐशे गैर प्रछलिट और अपरभ्परागट शिक्सा के भाणकों पर एक प्रण्ण छिण्ह लगाटे हुये इणशे अलग विशेसटाओं को धारण करणे वाली शिक्सा शे है। दूरश्थ शिक्सा विविध शैक्सिक पृस्ठभूभि वाले […]

दूरश्थ शिक्सा का ऐटिहाशिक विकाश

दूरश्थ शिक्सा का उद्भव  पट्राछार के रूप भें दूरश्थ शिक्सा का इटिहाश 1840 शे भाणी जाटी है। आधुणिक णवीण प्रणाली का प्रारभ्भिक रूप ‘‘ओल्ड टैशटाभण’’ के अणुदेशणाट्भक लेख़ों शे भिलटा है, इशके अटिरिक्ट आभ धारणा के अणुशार इशका प्रारभ्भ 1840 ई0 भें आइजक पिटभैण द्वारा शार्ट हैण्ड पाठ्यक्रभ पेणी डॉक शे भेजणे शे हुआ है। […]