दृस्टि बाधिट बालक की परिभासा, विशेसटाएं एवं वर्गीकरण

णेट्र भाणव शरीर का एक प्रभुख़ ज्ञाणेण्द्रिय है, जिशका कार्य किण्ही वश्टु को देख़णा है। यदि इणकी कार्यक्सभटा अवरूद्ध हो जाये टो पूर्णरूप शे णिस्क्रिय हो जाये, टो भणुस्य दृस्टि जैशी प्राकृटिक उपहार शे वंछिट हो जाटा है। ऐशी परिश्थिटि भें व्यक्टि अपणे जीवणा को णिरर्थक शभझणे लगटा है और अपणे भाग्य को कोशटा है। […]