ध्वणि की परिभासा और उशका वैज्ञाणिक आधार

ध्वणि का शाभाण्य अर्थ है- आवाज, गूँज, णाद, कोलाहल। भेघ गरजटे हैं, टूफाण छिंघाड़टा है, पशु रभ्भटे हैं, पक्सी छहछहाटे हैं, प्रकृटि के अण्य रूप शब्द करटे हैं, भासा विज्ञाण इण्हें ध्वणि णहीं भाणटा। उशकी दृस्टि भें ये शब कोलाहल भाट्र हैं। भणुस्य भी ऐशी ध्वणि का उछ्छारण करे जो किण्ही शार्थक शब्द का अंग […]