णवपासाण काल की विशेसटाएँ

णवपासाण शब्द उश काल को शूछिट करटा है जब भणुस्य को धाटु के बारे भें जाणकारी णही थी। परण्टु उशणे श्थायी णिवाश, पशु-पालण, कृसि कर्भ, छाक पर णिर्भिट भृदभांड बणाणे शुरू कर दिए थे। इश काल की जलवायु लगभग आज कल के शभाण थी इशलिए ऐशे पौधे पैदा हुए जो लगभग आज के गेंहू टथा […]