Category Archives: निर्देशन

निर्देशन का अर्थ, परिभाषा, प्रकृति, क्षेत्र एवं उद्देश्य

मानव अपने जीवन काल में व्यक्तिगत व सामाजिक दोनों ही पक्षों में अधिकतम विकास लाने के लिए सदैव सचेष्ट रहता है इसके लिये वह अपने आस पास के पर्यावरण को समझता है और अपनी सीमाओं व सम्भावनाओं, हितों व अनहितों गुणों व दोषों को तय कर लेता है। परन्तु जीवन की इस चेष्टा में कभी… Read More »

निर्देशन के प्रतिमान

निर्देशन के प्रतिमान का अभिप्राय वह प्रारूप है जिसके अन्तर्गत निर्देशन की प्रक्रिया को संचालित किया जाता है। निर्देशक के विविध प्रतिमानों का स्वरूप समय-समय पर निर्देशन प्रक्रिया में हो रहे परिवर्तनों के कारण ही निकलकर आया है। प्रतिमानों की प्रमुख भूमिका निर्देशन प्रक्रिया को वस्तुनिषठ एवं सार्वभौमिक स्वरूप प्रदान करना है। शर्टजर एण्ड स्टोन… Read More »

निर्देशन क्या है?

निर्देशन का सामान्य अर्थ संचालन से है।  प्रत्येक स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों का मार्गदर्शन करना, उनको परामर्श देना, प्रोत्साहन करना तथा उनके कार्यों का निरीक्षण करना निर्देशन कहलाता है। निर्देशन का अर्थ  निर्देशन का तात्पर्य संचालन से है। विभिन्न स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों का मार्गदर्शन करना, उनको परामर्श देना तथा उनके… Read More »

निर्देशन के सिद्धान्त एवं तकनीकी

निर्देशन की मान्यतायें आज के भौतिकवादी जीवन में हताशा, निराशा एवं कुसमायोजन की समस्याओं ने भयावह रूप ले लिया है। इन सभी समस्याओं ने जीवन के प्रत्येक चरण में निर्देशन की आवश्यकता को जन्म दिया। निर्देशन प्रक्रिया कुछ परम्परागत मान्यताओं पर निहित होता है। ये मान्यतायें हैं- व्यक्ति भिन्नताओं का होना-व्यक्ति अपनी जन्मजात योग्यता, क्षमता,… Read More »

व्यक्तिगत निर्देशन क्या है?

व्यक्ति की कुछ निजी समस्याएँ भी होती है जिनका समाधान वह स्वयं नही कर पाता। मानव जीवन के सम्यक उत्थान के लिए आवश्यक है कि उसका जीवन समस्या रहित हो, वास्तव में निजी समस्याएँ उसके सम्पूर्ण जीवन के विकास को प्रभावित कर देती है। तनावग्रस्त शरीर, मन एवं जीवन किसी अन्य क्षेत्र में विकास एवं… Read More »

निर्देशन का अर्थ, परिभाषा, प्रकृति तथा क्षेत्र

निर्देशन क्या है? इस सम्बन्ध में समस्त विद्वान एकमत नहीं है। वर्तमान युग के विवादग्रस्त प्रत्ययों में, यह एक ऐसा प्रत्यय है, जिसे विभिन्न रूपों में परिभाषित क्रिया गया है, फिर भी, सामान्यत: निर्देशन को एक ऐसी प्रक्रिया के रूप में स्वीकार क्रिया जाता है, जिसके आधार पर किसी एक अथवा अनेक व्यक्तियों को किसी… Read More »

निर्देशन के उद्देश्य और सिद्धांत

निर्देशन ऐसी विकास की प्रकिया है जिसके आधार पर इन समस्याओं के समाधान की क्षमता का विकास प्रत्येक व्यक्ति में किया जा सकता है। समस्याओं के विविध पक्षों, कारणों, परिणामों, परिस्थितियों आदि से व्यक्ति को अवगत कराने के साथ ही, इसके आधार पर उन वैयक्तिक एवं सामाजिक विशेषताओं का भी विकास किया जा सकता है… Read More »

निर्देशन सेवाएं क्या है?

निर्देशन सेवाओं के अन्तर्गत विशिष्ट कियाओं को नियोजित, व्यवस्थित एवं कियान्वित किया जाता है। प्रत्येक प्रकार की निर्देशन सेवा का सम्बन्ध कुछ विशेष प्रकार की कियाओं से होता है तथा इन कियाओं के माध्यम से विशिष्ट उद्धेश्यों की प्राप्ति की जाती है। इस सन्दर्भ में जिन आठ प्रकार की निर्देशन सेवाओं को विकसित किया गया… Read More »

शैक्षिक निर्देशन क्या है?

जौन्स ने शैक्षिक निर्देशन को चयन एवं समायोजन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्वीकार करते हुए लिखा है कि- शिक्षा निर्देशन वह व्यक्तिगत सहायता है जो छात्रों को इसलिए प्रदान की जाती है कि वे अपने लिए उपयुक्त विद्यालय पाठ्यक्रम, पाठ्य-विषय तथा पाठ्यातिरिक्त क्रियाओं का चयन कर सके तथा उनमें समायोजित कर सकें। आर्थर जे. जोन्स… Read More »

व्यावसायिक निर्देशन क्या है?

व्यावसायिक निर्देशन के आशय पर (1924) में ‘नेशनल वोकेशनल गाइडेंस एसोसिएशन’ के द्वारा उल्लेख किया  गया है। इस ऐसोसिएशन ने अपनी रिपोर्ट में व्यावसायिक निर्देशन को परिभाषित करते हुए लिखा कि व्यवसाय निर्देशन व्यवसाय को चुनने, उसके लिए तैयार करने, उसमें प्रवेश करने तथा उसमें विकास करने हेतु सूचना देने, अनुभव देने तथा सुझाव देने की… Read More »