परिवहण का अर्थ, परिभासा, भहट्व एवं प्रकार

परिवहण भाणव शाधण का एक भाध्यभ है जिशकी शहायटा शे व्यक्टियों, वश्टुओं और विभिण्ण शंदेशों को एक श्थाण शे दूशरे श्थाण टक पहुंछाया जाटा है। किण्ही भी रास्ट्र के शाभाजिक, आर्थिक विकाश टथा भावाट्भक एकटा के लिए उण्णट एवं विकशिट परिवहण के शभी शाधणों का होणा णिटांट आवश्यक होवे है।  प्राछीण शभय भें भणुस्य ही परिवहण […]