Category Archives: पर्यावरण शिक्षा

वायु प्रदूषण के प्रकार, स्रोत, प्रभाव, रोकने के उपाय

वायुमण्डल की रचना मूलत: विभिन्न प्रकार की गैसों से हुई है। वायु अनेक गैसों का आनुपातिक सम्मिश्रण है। इसमें गैसों का अनुपात इतना संतुलित है कि उसमें थोड़ा परिवर्तन भी संपूर्ण व्यवस्था अथवा चक्र को प्रभावित कर देता है और इसका प्रभाव पृथ्वी के जीव जगत पर पड़ता है। वायु में उपस्थित गैसों पर प्राकृतिक… Read More »

जल प्रदूषण का अर्थ, परिभाषा, कारण एवं प्रभाव

जल पर्यावरण का जीवनदायी तत्व है। वनस्पति से लेकर जीव जन्तु अपने पोषक तत्वों की प्राप्ति जल के माध्यम से करते हैं। जल पृथ्वी के 70 प्रतिशत भाग में पाया जाता है। जीवन पानी पर निर्भर करता है। मनुष्य एवं प्राणियों के लिए पीने के पानी के स्रोत नदियाँ, सरिताएँ, झीलें, नलकूप आदि हैं। मनुष्य… Read More »

मृदा प्रदूषण के कारण, दुष्प्रभाव, रोकने के उपाय

भूमि अथवा भू एक व्यापक शब्द है, जिसमें पृथ्वी का सम्पूर्ण धरातल समाहित है किन्तु मूल रूप से भूमि की ऊपरी परत, जिस पर कृषि की जाती है एवं मानव जीविका उपार्जन की विविध क्रियाएँ करता है, वह विशेष महत्व की है। इस परत अथवा भूमि का निर्माण विभिन्न प्रकार की शैलों से होता है,… Read More »

पर्यावरण शिक्षा का अर्थ, परिभाषा, आवश्यकता, महत्व

पर्यावरण शिक्षा का सरल अर्थ वह शिक्षा है , जो हमें अपने संरक्षण ,गुणवत्ता, संवर्द्वन और सुधार की व्याख्या करती है। मनुष्य प्रकृति से सीखे, प्रकृति के अनुसार अपने आपको ढाले और प्रकृति को प्रदूषित करने के बजाए उसका संरक्षण करे । यही संचेतना हमें पर्यावरण शिक्षा से मिलती है । पर्यावरण शिक्षा वास्तव में… Read More »

ध्वनि प्रदूषण का अर्थ, परिभाषा, कारण, ध्वनि प्रदूषण रोकने के उपाय

मानव के आधुनिक जीवन ने एक नये प्रकार के प्रदूषण को उत्पन्न किया है जो कि ध्वनि प्रदूषण कहलाता है। भीड़-भाड़ वाले शहर, गाँव, यान्त्रिकी प्रकार का परिवहन, मनोरंजन के नये साधन, उनके निरंतर शोर के द्वारा वातावरण (पर्यावरण) प्रदूषित हो रहा है। वास्तव में शोर जीवन की एक सामान्य प्रक्रिया है और यह मनुष्य… Read More »