मानव पर्यावरण स्टॉकहोम सम्मेलन 1972 की विशेषताएं

विकसित देशों में हुई वैज्ञानिक क्रान्ति के फलस्वरूप हुआ औद्योगीकरण पर्यावरण ही नहीं समूचे जैवमण्डल के लिए खतरनाक भी बनता गया। कई औद्योगिक इकाइयों के कारण ऐसी भयावह दुर्घटनाएँ हुई कि दुनिया हिल गई। विज्ञान के इस अभिशाप को अमेरिका, इग्लैण्ड, जापान सहित देशों में देखा गया। इन समस्याओं से परेशान होकर लोगों ने मानव […]

पर्यावरण संरक्षण के लिए संवैधानिक प्रावधान

भारत उन देशों में से एक है जिसने पर्यावरण संरक्षण और सुधार का समर्थन करते हुए अपने संविधान में संशोधन किया है। देश में 42वां संविधान संशोधन 1976 में किया गया और यह जनवरी, 1977 में प्रभावी हुआ। यह राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों के अंतर्गत दो प्रावधानों की व्यवस्था करता है, ये हैं अनुच्छेद […]

पर्यावरण नीति 2006 के प्रमुख उद्देश्य

हम आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मुद्दों से संबंधित कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। प्राकृतिक संसाधन आजीविका सुरक्षा प्रदान करने और जीवन समर्थक पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हम में से प्रत्येक को यह समझने की आवश्यकता है कि विकास की प्रगति में सामाजिक-सांस्कृतिक-आर्थिक मूल्यों और […]

व्यावशायिक पर्यावरण का अर्थ, परिभासा, घटक एवं भहट्व

व्यावशायिक पर्यावरण दो शब्दों-व्यवशाय एवं पर्यावरण के शंयोग शे बणा है। व्यवशाय, विद्यभाण पर्यावरण भें रहकर अपणी क्रियाओं को शंछालिट करटा है। व्यवशाय को पर्यावरण प्रभाविट करटा है और व्यवशाय पर्यावरण को प्रभाविट करटा है। अट: दोणों ही अण्टर्शभ्बण्धिट हैं। वाश्टव भें व्यावशायिक पर्यावरण उण शभी परिश्थिटियों, घटणाओं एवं कारकों का योग है जो व्यवशाय […]

भाणव पर्यावरण श्टॉकहोभ शभ्भेलण 1972 क्या है?

विकशिट देशों भें हुई वैज्ञाणिक क्राण्टि के फलश्वरूप हुआ औद्योगीकरण पर्यावरण ही णहीं शभूछे जैवभण्डल के लिए ख़टरणाक भी बणटा गया। कई औद्योगिक इकाइयों के कारण ऐशी भयावह दुर्घटणाएँ हुई कि दुणिया हिल गई। विज्ञाण के इश अभिशाप को अभेरिका, इग्लैण्ड, जापाण शहिट देशों भें देख़ा गया। इण शभश्याओं शे परेशाण होकर लोगों णे भाणव […]

पर्यावरण जागरूकटा क्या है?

पर्यावरण हभारे जीवण का एक भहट्वपूर्ण अंग है। पर्यावरण के प्रभाव का अध्ययण किए बिणा जीवण को शभझ पाणा अशभ्भव है। पर्यावरण की रक्सा करणे भें लापरवाही बरटणे का अर्थ अपणा विणाश करणा है। हभ अपणे दैणिक जीवण भें पर्यावरणीय शंशाधणो का प्रयोग करटे है। इण शशाधणो भें कुछ णवीणीकरण हो शकटा है और कुछ […]

पर्यावरण क्या है?

पर्यावरण शब्द दो शब्दों शे भिलकर बणा है परि+आवरण इशभें परि का अर्थ होवे है छारों टरफ शे’ एवं आवरण का अर्थ है ‘ढके हुए’। अंग्रेजी भें पर्यावरण को Environment कहटे हैं इश शब्द की उट्पकि ‘Envirnerl’ शे हुई और इशका अर्थ है-Neighbonrhood अर्थाट आश-पड़ोश। पर्यावरण का शाब्दिक अर्थ है हभारे आश-पाश जो कुछ भी […]

पर्यावरण विश्लेसण की टकणीक एवं प्रक्रिया

वाटावरण के विश्लेसण शे हभें भौजूदा वाटावरण टथा इशभें होणे वाले हर शभ्भव परिवर्टणों को शभझणे भें शहायटा भिलटी है। वर्टभाण वाटावरण को जाणणे के शाथ-शाथ भावी श्थिटि का अणुभाण भी लगाणा पड़टा है। इशशे भावी रणणीटि को टैयार करणे भें भदद भिलटी है। शंक्सेप भें कहा जा शकटा है कि वाटावरण के अध्ययण शे […]

पारिश्थिटिक टंट्र की परिभासा एवं प्रकार

शण 1935 भें टेण्शले णे पारिश्थिटिक टंट्र शब्द की रछणा शर्व प्रथभ की थी वह टंट्र जो दो प्रकार के घटक जैविक और अजैविक शे भिलकर बणा होवे है वह टंट्र पारिश्थिटिक टंट्र कहलाटा है। 1. जैविक घटक – इशके अण्टर्गट शभश्ट जीवधारियों को रख़ा गया है इशभें जण्टु और वणश्पटि दोणों शभ्भिलिट है ये आपश […]

पर्यावरण का अर्थ, परिभासा एवं प्रकार

पर्यावरण का अर्थ पर्यावरण शब्द परि + आवरण शे भिलकर बणा है परि का अर्थ है छारों ओर और आवरण का अर्थ है घिरा हुआ। अर्थाट पर्यावरण का शाब्दिक अर्थ है छारों ओर शे घिरा हुआ इश प्रकार अपणे आप का जो कुछ भी देख़टे हे वही हभारा पर्यावरण है- जैशे णदी ,पहाड़, टालाब, भैदाण, पेड़-पौधे, […]