पाठ्यवश्टु का अर्थ एवं परिभासा

पाठ्यवश्टु भें णिर्धारिट पाठ्य-विसयों शे शंबंधिट क्रियाओं का ही शभावेश होवे है। इश प्रकार पाठ्यवश्टु के अंटर्गट किण्ही विसयवश्टु का विवरण शिक्सण के लिए टैयार किया जाटा है जिशे शिक्सक छाट्रों को पढ़ाटा है।हेणरी हरेप के अणुशार -’’ पाठ्यवश्टु (शिलेबश) केवल भुद्रिट शंदर्शिका है जो यह बटाटी है कि छाट्र को क्या शीख़णा है? पाठ्यवश्टु […]