Category Archives: पुनरावलोकन

न्यायिक पुनरावलोकन का अर्थ और परिभाषा एवं विशेषताएँ

भारत में न्यायिक पुनरावलोकन की उत्पत्ति को समझाते हुए, जस्टिस पी. बी. मुखर्जी ने स्पष्ट किया, भारत में यह संविधान ही है जो सर्वोच्च है और संसद के साथ-साथ राज्य विधान सभाओं को न केवल संविधान की सातवीं सूची में दर्ज तीन सूचियों में वर्णित उन संबंधित क्षेत्रों की सीमाओं के अंदर ही कार्य करना… Read More »