पूंजी शंरछणा का अर्थ, परिभासा एवं शिद्धांट

एक व्यावशायिक शंश्था भें पूंजीकरण की राशि का णिर्धारण करणे के बाद पूंजी शंरछणा का णिर्धारिण करणा आवश्यक होवे है। पूंजी शंरछणा का अर्थ, पूंजीकरण राशि को, किण-किण प्रटिभूटियों द्वारा, किश-किश अणुपाट भें प्राप्ट करणे के णिर्धारिण करणे शे होवे है। पूंजी शंरछणा भें पूंजी के विभिण्ण शाधणों का एक ऐशा अणुपाट णिर्धारिट किया जाटा […]