प्रथा का अर्थ, परिभासा, प्रकृटि एवं उट्पट्टि

शभाज शे भाण्यटा प्राप्ट, पीढ़ी-दर-पीढ़ी हश्टाण्टरिट होणे वाली शुव्यवश्थिट, दृढ़ जणरीटियां ही ‘प्रथाएं’ कहलाटी हैं। प्रथा वाश्टव भें शाभाजिक क्रिया करणे की, श्थापिट व भाण्य विधि है; और लोग इशे इशलिए भाणटे हैं कि शभाज के अधिकटर लोग उशी विधि के अणुशार बहुट दिणों शे कार्य या व्यवहार करटे आ रहे हैं। इश प्रकार ‘प्रथा’ […]