Category Archives: प्रबन्धकीय लेखांकन एवं वित्तीय प्रबन्ध

वित्तीय नियोजन क्या है?

वित्तीय नियोजन का अर्थ वित्तीय नियोजन का आशय उपक्रम के मूल उद्देश्य की प्राप्ति हेतु वित्तीय क्रियाओं का अग्रिम निर्धारण है। वित्तीय नियोजन के अर्थ के सम्बन्ध में विभिन्न विद्वानों के विचारों में भिन्नता पाई जाती है। वित्तीय नियोजन के सम्बन्ध में विभिन्न विद्वानों के विचारों को दो वर्गों मे विभाजित किया जा सकता हैं… Read More »

पूंजी की लागत का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएँ

स्पष्ट लागत उस छूट की दर को कहते हैं जो रोकड़ आगमनों के वर्तमान मूल्य को रोकड़ निर्गमन (Cash outlaws) के वर्तमान मूल्य को समतुल्य करती है। व्यावहारिक तौर पर यह आन्तरिक प्रत्याय दर होती है। अन्र्तनिहित लागत वह प्रत्याय दर होती है जो किसी विशिष्ट विनियोग प्रस्ताव को स्वीकार करने हेतु परित्यक्त अवसरों की… Read More »

पूंजी संरचना का अर्थ, परिभाषा एवं सिद्धांत

एक व्यावसायिक संस्था में पूंजीकरण की राशि का निर्धारण करने के बाद पूंजी संरचना का निर्धारिण करना आवश्यक होता है। पूंजी संरचना का अर्थ, पूंजीकरण राशि को, किन-किन प्रतिभूतियों द्वारा, किस-किस अनुपात में प्राप्त करने के निर्धारिण करने से होता है। पूंजी संरचना में पूंजी के विभिन्न साधनों का एक ऐसा अनुपात निर्धारित किया जाता… Read More »

लाभांश नीति का अर्थ, आवश्यक तत्व एवं प्रकार

लाभांश नीति एक बहुत ही लोचपूर्ण एवं व्यापक शब्द है। लाभांश नीति दो शब्दों लाभांश नीति से मिलकर बना है। लाभांश से अभिप्राय कम्पनी की आय में से अंशधारियो को मिलने वाले हिस्से से नीति से अभिप्राय ‘व्यवहार के तरीके’ या ‘कार्य करने के सिद्धान्तों’ से होता है। अत: लाभांश नीति का अर्थ लाभांश वितरित… Read More »

वित्तीय विवरण का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य एवं प्रकार

वित्तीय विवरण विवरण से आशय उन प्रपत्रों से है जिनमें किसी संस्था से सम्बन्धित आवश्यक वित्तीय सूचनाओं का वर्णन किया गया हो। हॉवर्ड तथा अप्टन के मतानुसार, “यद्यपि ऐसा औपचारिक विवरण जो मुद्रा मूल्यों में व्यक्त किया गया हो, वित्तीय विवरणों के नाम से जाना जा सकता है, लेकिन अधिकतम लेखांकन एवं व्यावसायिक लेखक इसका… Read More »

रोकड़ प्रवाह विवरण क्या है?

रोकड़ व्यावसायिक दृष्टि से अत्यधिक महत्व रखती है अत: इसके बारे में प्रबन्धकों को यह जानना आवश्यक होता है कि संस्था में रोकड़ के आगम एवं निर्गम की क्या स्थिति रही इसी उद्देश्य के लिए रोकड़ प्रवाह विवरण बनाया जाता है। रोकड़ प्रवाह विवरण दो समयावधियों के बीच व्यवसाय के रोकड़ शेष में हुए परिवर्तनों… Read More »

वित्तीय प्रबंधन का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, कार्य एवं महत्व

वित्तीय प्रबंधन व्यावसायिक प्रबंधन का एक कार्यात्मक क्षेत्र है तथा यह संपूर्ण प्रबंधन का ही एक भाग होता है। वित्तीय प्रबंधन उपक्रम के वित्त तथा वित्तीय क्रियाओं के सफल तथा कुशल प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होता है। यह कोई उच्चकोटि के लेखांकन अथवा वित्तीय सूचना प्रणाली नहीं होती है। यह फर्म के वित्त तथा वित्त… Read More »