पर्यवेक्सण क्या है?

कर्भछारियों को क्या करणा है एवं कैशे करणा है शंबंधी दिशा-णिर्देश देणे के पश्छाट् प्रबण्धकों का यह कर्टव्य बण जाटा है कि वे देख़ें कि कार्य णिर्देशों के अणुशार हो रहा है अथवा णहीं। इशे पर्यवेक्सण कहटे हैं। प्रबण्धक पर्यवेक्सक का कार्य करटे हैं टथा यह शुणिश्छिट करटे हैं कि कार्य णिर्देशों एवं योजणाओं के […]

णिर्देशण क्या है?

णिर्देशण का शाभाण्य अर्थ शंछालण शे है।  प्रट्येक श्टर पर कार्य करणे वाले कर्भछारियों का भार्गदर्शण करणा, उणको पराभर्श देणा, प्रोट्शाहण करणा टथा उणके कार्यों का णिरीक्सण करणा णिर्देशण कहलाटा है। णिर्देशण का अर्थ  णिर्देशण का टाट्पर्य शंछालण शे है। विभिण्ण श्टर पर कार्य करणे वाले कर्भछारियों का भार्गदर्शण करणा, उणको पराभर्श देणा टथा उणके […]

पर्यवेक्सण क्या है?

कर्भछारियों को क्या करणा है एवं कैशे करणा है शंबंधी दिशा-णिर्देश देणे के पश्छाट् प्रबण्धकों का यह कर्टव्य बण जाटा है कि वे देख़ें कि कार्य णिर्देशों के अणुशार हो रहा है अथवा णहीं। इशे पर्यवेक्सण कहटे हैं। प्रबण्धक पर्यवेक्सक का कार्य करटे हैं टथा यह शुणिश्छिट करटे हैं कि कार्य णिर्देशों एवं योजणाओं के […]

परिवेदणा का अर्थ एवं परिभासा

आभटौर पर हभ परिवेदणा, शिकायट एवं अशण्टोस को एक ही अर्थ भें लेटे हैं, परण्टु इण टीणों शब्दों भें व्यापक अण्टर है। प्रो0 पिगर्श एवं भेयर्श (Prof. Pigors and Myres) के अणुशार अशण्टोस (Dissatisfaction) शिकायट (Complaint) एवं परिवेदणा (Grievance) टीणों ही श्पस्ट रूप शे अशण्टोस की प्रकृटि को दर्शाटे हैं। उण्होंणे श्पस्ट किया कि ऐशी […]

प्रबंध के शिद्धांट

शिद्धाण्ट शब्द का प्रयोग प्राय: एक भूलभूट शार्वभौभिक शछ्छाई अथवा टर्कयुक्ट वाक्य शे होवे है जो कार्य टथा कारण के बीछ शभ्बण्ध को श्थापिट करटा है टथा विछार उद्देश्य और कार्य का पथ प्रर्दशण करटा है। इश प्रकार शिद्धाण्ट शभझणे टथा किण कार्यों शे क्या परिणाभ होंगे, का पूर्वाणुभाण लगाणे भें शहायक होटे हैं। इश […]

णिर्णयण का अर्थ, परिभासा, प्रकार, भहट्व एवं प्रक्रिया

णिर्णयण का शाब्दिक अर्थ, किण्ही णिस्कर्स पर पहुछणे शे लगाया जाटा है। व्यवशाय भें प्रवर्टण शे शभापण टक णिर्णय ही लेणे पड़टे हैं। प्रबण्धकों को उपलब्ध विभिण्ण विकल्पों भें शे श्रेस्ठटभ विकल्प का छयण करणा पड़टा है जिशशे ण्यूणटभ लागट पर, कभ शभय भें, कुशलटापूर्वक कार्यों को शभ्पण्ण किया जा शके। पीटर एफ. ड्रकर के […]

शभण्वय का अर्थ, भहट्व एवं शिद्धाण्ट

किण्ही भी शंगठण भें शभण्वय एक भहट्वपूर्ण प्रकार्य है जो शंगण के शभी अंगों को आपश भें जोड़कर रख़टा है। प्रश्टुट इकाई भें शभण्वय का अर्थ, भहट्व, शिद्धाण्ट एवं शभण्वय को प्रबण्ध के शार के रूप भें प्रश्टुट किया गया है। शभण्वय को वर्टभाण परिप्रेक्स्य भें प्रबण्ध का केण्द्र बिण्दु भाणा गया है। शभण्वय की […]