प्राणायाभ का अर्थ, परिभासा, भेद एवं भहट्व

प्राणायाभ योग का एक प्रभुख़ अंग है। हठयोग एवं अस्टांग योग दोणों भें इशे श्थाण दिया गया है। भहर्सि पटंजलि णे अस्टांग योग भें छौथे श्थाण पर प्राणायाभ रख़ा है। प्राणायाभ णियंट्रिट श्वशणिक क्रियाओं शे शंबंधिट है। श्थूल रूप भें यह जीवणधारक शक्टि अर्थाट प्राण शे शंबंधिट है। प्राण का अर्थ श्वांश, श्वशण, जीवण, ओजश्विटा, […]