Category Archives: प्लेटो

प्लेटो का न्याय सिद्धांत

प्लेटो का न्याय सिद्धांत उसके दर्शन की आधारशिला है। ‘रिपब्लिक’ में वर्णित आदर्श राज्य का मुख्य उद्देश्य न्याय की प्राप्ति है। ‘रिपब्लिक’ में प्लेटो न्याय के स्वरूप तथा निवास स्थान (Nature and Habitation) की विस्तृत चर्चा करता है। ‘रिपब्लिक’ का प्रारम्भ और अन्त न्याय की चर्चा से होता है। प्लेटो ने न्याय को कितना महत्त्व… Read More »

प्लेटो का शिक्षा का सिद्धान्त

प्लेटो अपने आदर्श राज्य में न्याय की प्राप्ति के लिए जिन दो तरीकों को पेश करता है, उनमें से शिक्षा एक सकारात्मक तरीका है। समाज में शिक्षा की बहुत आवश्यकता होती है। शिक्षा द्वारा ही समाज में भ्रातृभाव और एकता की भावना पैदा होती है। शिक्षा के महत्त्व को स्वीकारते हुए प्लेटो कहता है- “राज्य… Read More »

प्लेटो के साम्यवाद का सिद्धांत

प्लेटो ने अपने आदर्श में न्याय की प्राप्ति के लिए जो दो तरीके अपनाए हैं, उनमें से साम्यवाद का निषेधात्मक व भौतिक तरीका भी शामिल है। प्लेटो का मानना है कि आदर्श राज्य की स्थापना में तीन बाधाएँ – अज्ञान, निजी सम्पत्ति व निजी परिवार है।। इन बाधाओं को दूर करने के लिए प्लेटो शिक्षा… Read More »

दार्शनिक शासक की अवधारणा एवं विशेषताएँ

प्लेटो ने तत्कालीन एथेन्स की राजनीतिक दुर्दशा देखकर एक शक्तिशाली शासन की आवश्यकता महसूस की ताकि स्वार्थी तत्त्वों से आसानी से निपटा जा सके। उसने महसूस किया कि राजा इतना शक्तिशाली होना चाहिए कि वह आसानी से एथेन्स को राजनीतिक भ्रष्टाचार, व्यक्तिवाद व अस्थिरता के गर्त से निकाल सके और राज्य में शान्ति व्यवस्था कायम… Read More »

प्लेटो का जीवन परिचय एवं शिक्षा दर्शन

महान् यूनानी दार्शनिक प्लेटो का जन्म 427 ई. पूर्व में एथेन्स के एक कुलीन परिवार में हुआ था। उनके पिता अरिस्टोन एथेन्स के अन्तिम राजा कोर्डस के वंशज तथा माता पेरिकतिओन यूनान के सोलन घराने से थी। प्लेटो का वास्तविक नाम एरिस्तोकलीज था, उसके अच्छे स्वास्थ्य के कारण उसके व्यायाम शिक्षक ने इसका नाम प्लाटोन… Read More »