Category Archives: बीमा

बीमा का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं महत्व

बीमा एक व्यवसाय है संविदा पर आधारित है। इस संविदा के अनुसार एक पक्षकार दूसरे पक्षकार को आकस्मिक घटनाओं के दुष्परिणामों से सुरक्षा प्रदान करने का वचन देता है बीमा संविदा में जोखिम ग्रहण करने वाला पक्षकार बीमादाता (Insurance) दूसरो पक्षकार बीमादार (Insurance) कहा जाता है बीमादार जो प्रतिफल देता है, उसे प्रीमियम (प्रत्यार्जन) कहते… Read More »

जीवन बीमा की परिभाषा, प्रकार एवं आवश्यक तत्व

1. स्वत: जीवन में – एक व्यक्ति अपने जीवन में बीमित घटना आयोप्य हित रखता है वह सिद्ध करने की कोई आवश्यकता नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में आगोप्य हित रखता है। यदि ऐसा मान लिया जाय कि जीवन को बीमित करने से वह अपनी सम्पत्ति की रक्षा कर सकता है जिससे असामयिक मृत्यु के… Read More »

समुद्री बीमा क्या है?

समुद्री बीमा सबसे प्राचीनतम बीमा का स्वरूप है व्यापारिक जगत में लोग सामुद्रिक हानि आपस में बाँट लेते हैं। सामुद्रिक बीमा का प्रारम्भ कब, कहां शुरू हुआ इसका निर्णय अभी तक नहीं हो पाया। प्राचीन काल में समुद्री मार्गो से व्यापार करने वाले देशों में समुद्री हानियों से क्षतिपूर्ति प्रदान करने की रीतियां प्रचलित थी।… Read More »

चोरी बीमा क्या है?

चोरी बीमा (Burglary or Theft Insurance) :- चोरी बीमा में प्राय: चार प्रकार की जोखिम : (1) निवास स्थान (Residence), (2) व्यापारिक (Commercial), (3) वित्तीय (Financial) और (4) विविध (Miscellaneous) शामिल हैं। इसके अलावा निवास स्थान के बाहर और अन्दर चोरी बीमा, सीमित चोरी बीमा, नकद और प्रतिभूति चोरी बीमा, व्यापारिक स्कन्ध चोरी बीमा, स्टास्कीपर… Read More »

अग्नि बीमा क्या है?

अग्नि बीमा में दावेदार को सिद्ध करना होता है कि हानि अग्नि द्वारा ही हुई है और इसके लिए दो बातों को साबित करना आवश्यक होता है : (1) उस अग्नि में ज्वाला (ignition) प्रकट हुई थी, (2) वह अग्नि आकस्मिक (accidental) थी। अग्नि में यदि ज्वाला नहीं प्रकट हुई हो तब बीमा की संविदा… Read More »

पशु बीमा क्या है?

पशु भी मानव सम्पत्ति का ही एक अंग होता है, और पशु की मृत्यु होने के कारण उसके मालिक को हानि होती है। ऐसी हानि के लिए क्षतिपूर्ति की व्यवस्था करने के उद्देश्य से पशुधन बीमा का प्रारम्भ हुआ था। बीमा के सन्दर्भ में पशुओं से सम्बन्धित बीमे को दो भागो में बांटा जा सकता… Read More »