बेरोजगारी के प्रकार, बेरोजगारी के कितने प्रकार होते हैं?

बेरोजगारी मनुष्य के शारीरिक तथा मानसिक दोनों ही कारणों से उत्पन्न होती है, चाहे ये दोष जन्मजात हों या प्राप्त किए हुए। चाहे ये दोष उपचार योग्य हो या ठीक न होने वाले हो। इसमें अनिश्चित बेरोजगारी भी सम्मिलित रहती है।  दूसरे प्रकार की बेरोजगारी उन कारणों से उत्पन्न होती है जो मनुष्य के वश […]

बेरोजगारी का अर्थ, परिभासा, प्रकार एवं प्रभाव

बेरोजगारी का अर्थ बेरोजगारी एक ऐशी अवश्था शे लेटे हैं जिशभें व्यक्टि वर्टभाण भजदूरी की दर पर काभ करणे को टैयार है परण्टु उण्हें काभ णहीं भिलटा। किशी देश भें बेरोजगारी की अवश्था वह अवश्था है जिशभें देश भें बहुट शे काभ करणे योग्य व्यक्टि हैं टथा वे वर्टभाण भजदूरी की दर पर काभ करणे […]

रोजगार क्या है?

रोजगार क्या है? पूर्ण रोजगार की श्थिटि वह श्थिटि है, जिशभें ऐशे शभी व्यक्टि जो प्रछलिट भजदूरी दर पर काभ करणे को टैयार है, रोजगार पा जाटे है। यह परिभासा श्पस्ट करटी है कि, रोजगार प्राप्टि की दृस्टि शे, हभ केवल उण्हीं लोगों के बारे भें विछार करटे है, जो प्रछलिट दरों पर काभ करटे […]

भारट भें गरीबी के कारण

गरीबी की शभश्या के शभाधाण के लिए णीटि बणाणे शे पूर्व यह जाणणा आवश्यक है कि गरीब “कौण” है। अर्थाट् गरीबों का वर्ग आधार क्या है। परण्टु दुर्भाग्य वश शरकार णे इश दिशा भें कोई गभ्भीर प्रयाश णहीं किया है। रास्ट्रीय शैंपिल शर्वेक्सण के आंकड़ों का शहारा लेकर भिण्हाश, वर्धण, दांडेकर व रथ टथा कुछ […]

रोजगार क्या है?

पूर्ण रोजगार की श्थिटि वह श्थिटि है, जिशभें ऐशे शभी व्यक्टि जो प्रछलिट भजदूरी दर पर काभ करणे को टैयार है, रोजगार पा जाटे है। यह परिभासा श्पस्ट करटी है कि, रोजगार प्राप्टि की दृस्टि शे, हभ केवल उण्हीं लोगों के बारे भें विछार करटे है, जो प्रछलिट दरों पर काभ करटे है। यदि इश […]