Category Archives: बौद्ध धर्म

ह्वेनसांग का यात्रा वृतांत एवं जीवन परिचय

ह्वेनसांग का यात्रा वृतांत हर्ष के शासन काल में चीनी यात्री ह्वेनसांग भारत के विभिन्न भागों की यात्रा की और चीन लौटने के पश्चात उसने अपनी यात्रा वृतांत संस्मरणों को लेखबद्ध किया । अतएव उसका विवरण हर्षकालीन इतिहास पर अत्यन्त महत्वपूर्ण प्रकाश डालता है । ह्वेनसांग का जीवन परिचय  ह्वेनसांग का जन्म चीन के होननफू… Read More »

बौद्ध धर्म की शिक्षा, सिद्धांत एवं पतन के कारण

कौशल देश के उतर में कपिलवस्तु शाक्य क्षत्रियों का एक छोटा-सा गणराज्य था। यहाँ शुद्धोदन नामक एक राजा राज्य करते थे। 563 ई.पू. इन्ही शुद्धोदन की कोलियवंशीय पत्नी महामाया अथवा मायादेवी के गर्म से गौतम का जन्म हुआ था। यह जन्म नेपाल की तराई में स्थित लुम्बिनी वन में हुआ था जो कपिलवस्तु से लगभग… Read More »

गौतम बुद्ध का जीवन परिचय

बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध थे, जो बाद में बुद्ध (या ज्ञान प्राप्त व्यक्ति) के रूप में जाने जाने लगे । उनका जन्म 563 ई.पू. नेपाल की पहाड़ियों में स्थित लुम्बिनी नामक स्थान पर हुआ । उनके पिता शाक्य क्षत्रिय कुल के थे और कपिलवस्तु के (सम्भवत:) निर्वाचित शासक थे । जीवन की क्रूर… Read More »

भगवान बुद्ध के उपदेश का सारांश उनके चार आर्य-सत्य

बौद्ध-धर्म के प्रवर्तक भगवान बुद्ध थे । इनका जन्म वैशाली पूर्णिमा की 563 ई0 पू-नेपाल की तराई में स्थित कपिलवस्तु नामक नगर (लुम्बिनी बाग) में हुआ था। इनके पिता का नाम शुद्धोदन था तथा माता का नाम माया देवी था। इनके पिता शुद्धोदन शाक्यवंशी क्षत्रियों के राजा थे। उनका राज्य-क्षेत्र नेपाल का दक्षिण भाग था… Read More »

त्रिपिटक क्या है?

बौद्ध धर्म के मूल व पवित्र-ग्रन्थों में पालि ‘त्रिपिटक’ प्रमुख है जो बौद्ध धर्म का मूल आधार है। ‘त्रिपिटक’ दो शब्दों के योग से बना है-त्रि+पिटक। ‘त्रि‘ का अर्थ ‘तीन’ और ‘पिटक’ का अर्थ ‘पिटारी’ या ‘मंजूषा’ है। इस प्रकार त्रिपिटक का शाब्दिक अर्थ होगा ‘तीन पिटारियाँ’। वे तीन पिटारियाँ है-सुत्त-पिटक, विनय-पिटक, अभिधम्म-पिटक। त्रिपिटक एक… Read More »