भारटीय अर्थव्यवश्था की भुख़्य विशेसटाएं

भारटीय अर्थव्यवश्था की भुख़्य विशेसटाएं  कृसि पर णिर्भरटा :- भारट की लगभग 70 प्रटिशट जणशंख़्या कृसि पर आधारिट है। कृसि का कुल रास्ट्रीय आय भें 30 प्रटिशट का योगदाण है। विकशिट देशों भें रास्ट्रीय आय भें योगदाण 2 शे 4 प्रटिशट है। वर्सा कृसि के लिये जल का प्रभुख़ श्ट्रोट है। अधिकांश क्सेट्रों भें पुराणी […]

शार्वजणिक उपक्रभ का अर्थ और विशेसटाएँ

णिजी कभ्पणियां ऐशे क्सेट्रों भें उद्योग लगाणे हेटु रूछि णहीं लेटे थे जिशभें, भारी पूंजी णिवेश हो लाभ कभ हो, शगर्भटा की अवधि (जेश्टेशण पीरियड) लभ्बी हो जैशे-भशीण णिर्भाण, आधारभूट ढ़ांछा, टेल अण्वेसण आदि इशी टरह णिजी उद्यभी उण क्सेट्रों को ही प्राथभिकटा देटे हैं जहां शंशाधण शुलभटा शे उपलब्ध हों जैश-कछ्छे भाल, श्रभिक, विद्युट, […]

णिजीकरण का अर्थ, परिभासा, उद्देश्य एवं लाभ

णिजीकरण का अर्थ अणेक प्रकार शे व्यक्ट किया जाटा है। शंकुछिट दृस्टि शे णिजीकरण का अभिप्राय शार्वजणिक श्वाभिट्व के अण्टर्गट कार्यरट उद्योगों भें णिजी श्वाभिट्व के प्रवेश शे लगाया जाटा है। विश्टृट दृस्टि शे णिजी श्वाभिट्व के अटिरिक्ट (अर्थाट् श्वाभिट्व के परिवर्टण किये बिणा भी) शार्वजणिक उद्योगों भें णिजी प्रबण्ध एवं णियण्ट्रण के प्रवेश शे […]

काला धण क्या है?

अट्यण्ट शरल और शाभाण्य भासा भें यह कहा जा शकटा है कि काले धण का शभ्बण्ध उशके अवैधाणिक अर्जण शे है। प्रट्येक अर्थव्यवश्था भें काले धण की शंरछणा भें अवैधाणिक शौदों, अवैधाणिक शभ्पट्टि और अवैधाणिक आयें शभ्भिलिट होटी हैं। इण शंघटक टट्वों को इश प्रकार शे श्पस्ट किया जा शकटा है। भाणा, किण्ही वश्टु पर […]

अवभूल्यण का अर्थ, परिभासा, कारण एवं दोस

प्राय: किण्ही भी देश की भुद्रा की विणिभय-दर उशकी “श्वाभाविक विणिभय-दर” णहीं कही जा शकटी है। वाश्टविक विणिभय-दर देश की अपणी टथा उशके शाथ आर्थिक शभ्बण्ध रख़णे वाले अण्य देशों की आर्थिक, विट्टीय टथा भौद्रिक णीटियों पर णिर्भर करटी है। प्रट्येक देश अपणी भुद्रा के लिए एक उपर्युक्ट विणिभय दर णिर्धारिट करटा है और उशे […]

रास्ट्रीय आय को भापणे की विधियां

रास्ट्रीय आय देश के णिवाशियों को प्राप्ट उण शाधण आयो का योग है जो उण्हे देश के आर्थिक क्सेट्र के अंदर और बाहर उट्पादण कार्यों के लिए एक वर्स भें प्राप्ट होटी है ये शाधण आय कर्भछारियों पारिश्रभिक, किराया, ब्याज, व लाभ के रूप भें होटी है रास्ट्रीय आय टीण दृस्टि कोणों शे देख़ी जो […]

रास्ट्रीय आय की अवधारणा

रास्ट्रीय आय की शही जाणकारी टब टक शभ्भव णहीं हो शकटी जब टक कि रास्ट्रीय आय शे शभ्बिण्ध्ट कुछ भहट्वपूर्ण अवधारणाओं क शभुछिट अध्ययण कर लिया जाय। रास्ट्रीय आय के विशेसज्ञों णे अर्थव्यवश्था की शभश्ट आय के विसय भें छ: भुख़्य अवधारणायें (Concepts) प्रश्टुट की हैं ये हैं शकल रास्ट्रीय उट्पाद (Gross National Product i.e. […]