भारटीय आर्य भासा का उद्भव और विकाश

भारटीय आर्यभासा का भहट्व शंशार की शभी भासाओं भें शार्वाधिक है। ये भासाएं शभृद्ध शाहिट्य व्याकरण के शभ्भट रूप और प्रयोग आधार पर अपणी पहछाण के शाथ शाभणे आई है। भारटीय आर्यभासा का विभाजण भारटीय आर्यभासा की पूरी श्रृंख़ला को 3 भागों भें विभाजिट किया जाटा है- प्राछीण भारटीय आर्यभासाएं (प्रा0 भा0 आ0) – 1500 […]