Category Archives: भारतीय संघवाद

भारतीय संघवाद की विशेषताएं

भारतीय संघवाद की विशेषताएं लिखित संविधान किसी भी संघ का सबसे प्रमुख लक्षण होता है। कि उनके पास एक लिखित संविधान हो जिससे कि जरूरत पड़ने पर केन्द्र तथा राज्य सरकार मार्ग दर्शन प्राप्त कर सकें। भारतीय संविधान एक लिखित संविधान है और दुनिया का सबसे विस्तृत सं विधान है। कठोर संविधान  संघीय संविधान केवल… Read More »

भारतीय संघ व्यवस्था में केन्द्र राज्य संबंध

भारतीय संघ व्यवस्था में केन्द्र राज्य संबंध केन्द्र एवं राज्यों के बीच सरकारों के बीच सामन्जस्य पूर्ण संबंधों की स्थापना करने वाली संघ प्रणाली को सहकारी संघवाद की संज्ञा दी जाती है। दोनों ही सरकारों की एक दूसरों पर निर्भरिता इस व्यवस्था का मुख्य लक्षण होता है। भारत से संविधान ने केन्द्र तथा राज्यों के… Read More »

भारतीय संघ व्यवस्था में आपातकालीन प्रावधान (व्यवस्था)

आपातकालीन प्रावधान (व्यवस्था)  भारतीय संविधान द्वारा आकस्मिक आपातो तथा संकटकालीन परिस्थितियों का सामना करने के लिए राष्ट्रपति को अपरिमित शक्तियां दी गयी हैं। संविधान के अनुच्छेद 352 से 360 तक तीन प्रकार के संकटों का अनुमान किया गया है युद्ध बाह्य आक्रमण या आंतरिक संकट  संविधान के अनुच्छेद 352 में लिखा है कि यदि राष्ट्रपति… Read More »

संघात्मक शासन प्रणाली का अर्थ एवं परिभाषा

शासन की शक्तियों का प्रयोग मूल रूप से एक स्थान से किया जाता है या कई स्थानों से। इस आधार पर शासन-प्रणालियों के दो प्रकार हैं-एकात्मक शासन और संघात्मक शासन। जिस शासन-व्यवस्था में शासन की शक्ति एक केन्द्रीय सरकार में संकेन्द्रित होती है, उसे एकात्मक शासन कहते हैं। इसके विपरित जिस प्रणाली में शासन की… Read More »