Category Archives: भारतीय संविधान

भीमराव अम्बेडकर के राजनीतिक विचार

डॉ0 भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल, 1891 को महूँ (मध्य प्रदेश) में हुआ था। वे महार जाति के सदस्य थे। उनके परिवार का सैन्य-सेवा से संबंध था। उनके पिता का नाम रामजी सकपाल तथा माता का भीमाबाई था। वे अपने माता-पिता की चौदहवीं सन्तान थे। भीम चौदहवां बालक था जिन्हें भीवा भी पुकारा जाता था। रामजी सकपाल… Read More »

भारतीय संविधान की प्रस्तावना एवं विशेषताएं

‘‘प्रस्तावना भारतीय संविधान का सबसे बहुमूल्य अंग है, यह संविधान की आत्मा है, यह संविधान की कुंजी है यह वह उचित मापदण्ड है, जिसमें संविधान की सहजता नापी जाती है, यह स्वयं में पूर्ण है। हम चाहेंगे कि संविधान के सभी उपबन्धों को इसी प्रस्तावना की कसौटी से जांचना चाहिए और तभी यह निर्णय करना… Read More »

राज्य के नीति निर्देशन तत्व

‘‘राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों का उद्देश्य जनता के कल्याण को प्रोत्साहित करने वाली सामाजिक अवस्था का निर्माण करना है।’’ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के अनुसार – ‘‘राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों का पालन करके भारत की भूमि को स्वर्ग बनाया जा सकता है।’’  एम. सी. छागला के अनुसार – भारतीय संविधान का लक्ष्य न केवल राजनीतिक प्रजातन्त… Read More »

मौलिक अधिकार के प्रकार एवं विशेषताएं

भारतीय समाज के व्याप्त असमानताओं एवं विषमताओं को दूर करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 14 से 18 में समानता के अधिकार का उल्लेख किया गया है। समानता के अधिकार के अपवाद – सामाजिक समानता में सबको समान मानते हुए भी राज्य स्त्रियों तथा बच्चों को विशेष सुविधाएं प्रदान कर सकता है और इसी प्रकार… Read More »

मानव अधिकार का अर्थ, परिभाषा, सिद्धांत एवं प्रकार

मानव अधिकारों से तात्पर्य उन सभी अधिकारों से हैं जो व्यक्ति के जीवन, स्वतंत्रता, समानता एवं प्रतिष्ठा से जुड़े हुए है। यह अधिकार भारतीय संविधान के भाग-तीन में मूलभूत अधिकारों के नाम से वर्णित किए गए हैं और न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय हैं। इसके अलावा ऐसे अधिकार जो अन्तर्राष्ट्रीय समझौते के फलस्वरूप संयुक्त राष्ट्र की महासभा… Read More »

भीमराव अम्बेडकर का जीवन परिचय एवं शिक्षा

माता की मृत्यु के बाद उनका पालन पोषण उनकी बुआ ने किया। विद्यालय में अस्पृश्य बच्चे किन्ही भी चीज से हाथ नहीं लगा सकते थे। परन्तु भीम के पढ़ने की लगन को देखकर कुछ अध्यापक उनसे स्नेह भी करते थे। भीमराव अम्बेडकर की शिक्षा सतारा से प्रारम्भिक शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात उन्होंने हाईस्कूल की… Read More »

मौलिक अधिकारों की विशेषताएं

व्यक्ति और राज्य के आपसी सम्बन्धों की समस्या सदैव ही जटिल रही है और वर्तमान समय की प्रजातन्त्रीय व्यवस्था में इस समस्या ने विशेष महत्व प्राप्त कर लिया है। यदि एक ओर शान्ति तथा व्यवस्था बनाये रखने के लिए नागरिकों के जीवन पर राज्य का नियन्त्रण आवश्यक है तो दूसरी ओर राज्य की शक्ति पर… Read More »

भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकार

भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकार – भारतीय संविधान के द्वारा भारत के नागरिकों को 6 प्रकार के मौलिक अधिकार दिए गए है: वे है:- भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकार 1. समानता का अधिकार (Right to Equality-Article 14 to 18) – समानता का अधिकार प्रजातन्त्र का आधार स्तम्भ है, अत: भारतीय संविधान द्वारा सभी व्यक्तियों… Read More »

भारतीय संविधान की प्रस्तावना की मुख्य विशेषताएँ

भारतीय संविधान की प्रस्तावना को संविधान की आत्मा कहा जाता है। 42वें संविधान संशोधन के पश्चात् अब संविधान की प्रस्तावना है: हम भारत के लोग भारत को एक प्रभुसत्ता सम्पन्न, समाजवादी, धर्म-निरपेक्ष, लोकतन्त्रीय गणराज्य के रूप में स्थापित करने का निश्चय कर और इसके सभी नागरिकों के लिए यह प्राप्त करने का निश्चय करते हैं:… Read More »