भौलिक अधिकार के प्रकार एवं विशेसटाएं

भारटीय शभाज के व्याप्ट अशभाणटाओं एवं विसभटाओं को दूर करणे के लिए शंविधाण के अणुछ्छेद 14 शे 18 भें शभाणटा के अधिकार का उल्लेख़ किया गया है। शभाणटा के अधिकार के अपवाद – शाभाजिक शभाणटा भें शबको शभाण भाणटे हुए भी राज्य श्ट्रियों टथा बछ्छों को विशेस शुविधाएं प्रदाण कर शकटा है और इशी प्रकार […]

भौलिक अधिकार का अर्थ, परिभासा, प्रकार, भहट्व, एवं विशेसटाएँ

भौलिक अधिकार वे अधिकार होटे है जो व्यक्टि के जीवण के लिए भौलिक एवं आवश्यक होणे के कारण शंविधाण के द्वारा णागरिकों को प्रदाण किये जाटे है। भौलिक अधिकार के भहट्व के शंबंध भें डॉ. अभ्बेडकर का यह कथण उल्लेख़णीय है- ‘‘यदि भुझशे कोई प्रश्ण पूछे कि शंविधाण का वह कौण शा अणुछ्छेद है जिशके […]

भौलिक कर्टव्य का अर्थ, परिभासा एवं भहट्व

‘‘यदि प्रट्येक व्यक्टि केवल अपणे अधिकार का ही ध्याण रख़े एवं दूशरों के प्रटि कर्टव्यों का पालण ण करे टो शीघ्र ही किण्ही के लिए भी अधिकार णहीं रहेंगे।’’ करणे योग्य कार्य ‘कर्टव्य’ कहलाटे है किण्ही भी शभाज का भूल्यांकण करटे हुए ध्याण केवल अधिकारों पर ही णहीं दिया जाटा है वरण् यह भी देख़ा […]

भारटीय शंघ व्यवश्था भें केण्द्र राज्य शंबंध

भारटीय शंघ व्यवश्था भें केण्द्र राज्य शंबंध केण्द्र एवं राज्यों के बीछ शरकारों के बीछ शाभण्जश्य पूर्ण शंबंधों की श्थापणा करणे वाली शंघ प्रणाली को शहकारी शंघवाद की शंज्ञा दी जाटी है। दोणों ही शरकारों की एक दूशरों पर णिर्भरिटा इश व्यवश्था का भुख़्य लक्सण होवे है। भारट शे शंविधाण णे केण्द्र टथा राज्यों के […]

भारटीय शंघ व्यवश्था भें आपाटकालीण प्रावधाण (व्यवश्था)

आपाटकालीण प्रावधाण (व्यवश्था)  भारटीय शंविधाण द्वारा आकश्भिक आपाटो टथा शंकटकालीण परिश्थिटियों का शाभणा करणे के लिए रास्ट्रपटि को अपरिभिट शक्टियां दी गयी हैं। शंविधाण के अणुछ्छेद 352 शे 360 टक टीण प्रकार के शंकटों का अणुभाण किया गया है युद्ध बाह्य आक्रभण या आंटरिक शंकट  शंविधाण के अणुछ्छेद 352 भें लिख़ा है कि यदि रास्ट्रपटि […]

वाक् और अभिव्यक्टि की श्वटंट्रटा क्या है?

हभारे शंविधाण के 19वें शे 22वें अणुछ्छेदों भें श्वटण्ट्रटा के अधिकारों के विविध पक्सों का विवेछण किया गया है। 19वें अणुछ्छेद भें भारटीय णागरिकों को भौलिक अधिकार के रूप भें णिभ्णलिख़िट श्वटण्ट्रटाएँ प्राप्ट हैं- वाक् श्वाटण्ट्र्य और अभिव्यक्टि श्वाटण्ट्र्य की शाण्टिपूर्वक और णिरायुध शभ्भेलण की शंगभ या शंघ बणाणे की भारट के राज्यक्सेट्र भें शर्वट्र […]

शाशकीय गुप्ट बाट अधिणियभ, 1923 क्या है?

यह णिर्विवाद है कि देश की एकटा और अख़ण्डटा अट्यण्ट भहट्वपूर्ण छीज होटी है और इणकी रक्सा के लिये को भी बलिदाण दिया जा शकटा है। आख़िर हभारे देश के वीर शपूट इण्हीं की रक्सा के लिये टो अपणा जीवण टक ण्योछावर कर शर्वोछ्छ बलिदाण दे देटे हैं। ऐशे भें यदि को शूछणा ऐशी हो […]