Category Archives: भारत सरकार और राजनीति

प्रधानमंत्री के कार्य एवं शक्तियां

प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। व्यवहार में राष्ट्रपति लोक सभा के बहुमत दल के नेता को प्रधानमंत्री पद पर नियुक्ति करते है। प्रधानमंत्री की सलाह से अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जब लोकसभा में किसी एक दल या घटक को स्पष्ट बहुमत प्राप्त न हुआ हो तो राष्ट्रपति… Read More »

संसद में कानून बनाने की प्रक्रिया

ससंद मुख्यतया कानून बनाने वाली संस्था है। को भी प्रस्तावित कानून, संसद में एक विधेयक के रूप में प्रतिस्थापित किया जाता है। संसद में पारित होने तथा राष्ट्रपति की स्वीकृति के पश्चात यह कानून बन जाता है। अब हम यह अध्ययन करेगे कि संसद किस प्रकार कानून बनाती है । ससंद के समक्ष आने वाले… Read More »

मुख्यमंत्री के कार्य

मुख्यमंत्री प्रत्येक राज्य में राज्यपाल के दायित्व निवर्हन मे सहयोग और सहायता के लिए, एक मंत्रिपरिषद् होती है। मुख्यमंत्री राज्य में सरकार का मूखिया होता है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद् राज्य स्तर पर वास्वविक शक्तियों का प्रयोग करती है। मंत्रिपरिषद का गठन  मुख्यमंत्री का नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। विधान सभा में बहुमत… Read More »

राजनीतिक दल का अर्थ और परिभाषा एवं विशेषताएं

प्रत्येक लाकेतांत्रिक समाज तथा सत्तावादी व्यवस्था में राजनीतिक दल होते है। एक राजनीतिक में राजनीतिक दल होते है। एक राजनीतिक व्यवस्था में राजनीतिक दल विचारो अभिमतो व्यवस्था में राजनीतिक दल विचारो अभिमतो तथा पद्धितयो के वाहक के रूप में कार्य करते है। दल नागरिको आरै सरकार के बीच तथा मतदाता आरै प्रतिनिधात्मक संस्थाओं के बीच… Read More »

भारतीय संसद के कार्य एवं शक्तियां

भारतीय संसद के कार्य एवं शक्तियों को विधायी, कार्यपालिका, वित्तीय एंव अन्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है । संसद के कार्य  संसद के विधायी कार्य – मूलतया संसद कानून बनाने वाली संख्या है । केन्द्र और राज्यों में शक्ति विभाजन किया गया है जिसके लिए तीन सूचियां है- संघसूची राज्य सुची एवं समवर्ती… Read More »

भारतीय संघवाद की विशेषताएं

भारतीय संघवाद की विशेषताएं लिखित संविधान किसी भी संघ का सबसे प्रमुख लक्षण होता है। कि उनके पास एक लिखित संविधान हो जिससे कि जरूरत पड़ने पर केन्द्र तथा राज्य सरकार मार्ग दर्शन प्राप्त कर सकें। भारतीय संविधान एक लिखित संविधान है और दुनिया का सबसे विस्तृत सं विधान है। कठोर संविधान  संघीय संविधान केवल… Read More »

चुनाव आयोग का गठन कैसे होता है?

इसकी शुरुआत उद्देशिका से ही हो जाती है भारतीय संविधान की उद्देशिका यह उद्घोशित करती है कि भारत एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, लोकतन्त्रात्मक गणराज्य है। लोकतन्त्र भारतीय संविधान का एक मूलभूत ढ़ँाचा है। किसी भी प्रजातान्त्रिक व्यवस्था वाले देश के लिए चुनाव एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। चुनाव द्वारा न केवल जन प्रतिनिधि का निर्धारण… Read More »

राष्ट्रपति का निर्वाचन प्रक्रिया

संविधान के अनुच्छेद 52 के अनुसार भारत का एक राष्ट्रपति होगा। संघ की कार्यपालिका शक्ति इसी में निहित की गई है। अनुच्छेद 53 में उपबन्ध किया गया है कि- संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित होगी और वह इसका प्रयोग संविधान के उपबन्धों के अनुसार स्वयं या अपने अधीनस्थ अधिकारियों के द्वारा करेगा। संघ के… Read More »

लोकसभा के कार्य और शक्तियां

संघीय संसद के निम्न सदन या लोकप्रिय सदन को लोकसभा का नाम दिया गया है। लोकसभा की सदस्य संख्या समय-समय पर परिवर्तित होती रही है। संविधान में उपबन्ध है कि लोकसभा के 530 से अधिक सदस्य राज्यों में प्रादेशिक निर्वाचन दलों से प्रत्यक्ष रीति से चुने जांएगें और 20 से अनाधिक सदस्य संघ राज्य क्षेत्रों… Read More »

राज्यपाल के कार्य और शक्तियां

संविधान का अनुच्छेद 153 व्यवस्था करता है कि प्रत्येक राज्य का एक राज्यपाल होगा। एक ही व्यक्ति एक से अधिक राज्यों का राज्यपाल भी हो सकता है। राज्यपाल राष्ट्रपति के द्वारा पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया जाता है तथा वह राष्ट्रपति की इच्छा तक अपने पद पर बना रहता है। इसका अर्थ… Read More »